बरेली। कथा व्यास सतेंद्र मोहन शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा भगवान का साक्षात शब्द रूप है। भगवान ने श्रीमद्भागवत का बीज चार श्लोकों में नारद जी को दिया, जो चर्तुश्लोकी भागवत के नाम से विख्यात हुआ। बाला जी नगर के सीताराम मंदिर में उन्होंने कहा कि भागवत कथा हमें जीते जी संसार में जीना सिखाती है और मृत्यु के बाद मोक्ष दिलाती है। उन्होंने शिवजी की अमरकथा का भी वर्णन किया, जिससे परमहंस शुकदेव प्रकट हुए। उन्होंने भक्तों को भक्तिमय भजन सुनाकर भाव विभोर किया। इस अवसर पर संजय सक्सेना, कविता सक्सेना, श्याम बहादुर सक्सेना, अशली सक्सेना आदि उपस्थित रहीं।