बरेली। सफाई कर्मचारियों की मनमानी और प्रधानों की अनदेखी से गांवों में सफाई व्यवस्था चौपट है। मझगवां ब्लॉक के दो गांवों का निरीक्षण करने पहुंचे डीपीआरओ गंदगी देख भड़क गए। उन्होंने दोनों गांवों के सफाई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। इसके अलावा एक गांव में शौचालय भी अधूरे मिले इस पर सचिव और प्रधान को फटकार लगाई।
डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद सोमवार को मझगवां ब्लॉक के गांव बेहटा और जलालनगर में निरीक्षण करने पहुंचे। बेहटा में नालियां चोक थीं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे थे। गांव वालों से पूछा तो पता चला कि सफाईकर्मी वीरबाला आती ही नहीं है। इस पर डीपीआरओ ने उसे निलंबित कर दिया। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र पर बेबी फ्रेंडली शौचालय नहीं थे। निर्देश दिए कि शौचालय में नौ इंच की सीट लगाई जाए। उन्होंने स्कूल का भी निरीक्षण किया। इसके बाद जलालनगर पहुंचे। वहां भी गंदगी से बुरा हाल था। सचिव से भी जवाब तलब किया। सफाई कर्मी सुनील कुमार को निलंबित कर दिया। गांव में 85 शौचालय बनने थे, इनमें से 10 अधूरे मिले। सचिव को इन्हें पूरा कराने के निर्देश दिए। डीपीआरओ ने बताया कि दोनों गांवों में बेहद गंदगी थी। लापरवाही सामने आने पर दोनों सफाई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।