फरीदपुर में किसानों से दिनदहाड़े लूट का मामला
फरीदपुर। धान बेचकर लौट रहे तीन किसानों से दिनदहाड़े 51 हजार लूटे जाने के मामले में 20 हजार रुपये लौटाकर पुलिस फंस गई है। अब पुलिस किसी भी तरह किसानों को मनाकर मामला सेटल करने में लगी है। पुलिस पीड़ित किसानों से मिलने की हरसंभव कोशिश कर रही है, लेकिन पुलिस के डर से किसान सामने नहीं आ रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं पुलिस किसी साधा कागज पर जबरन हस्ताक्षर कराके फंसा न दे।
फरीदपुर में 16 नवंबर को फ्यूचर कॉलेज और मानस स्थली के बीच गांव सिमरा हरचंद निवासी आशु, पातीराम और सर्वेश से धान बेचकर लौटते समय नागा साधुओं के वेश में चार बदमाशों ने 51 हजार रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने नरियावल मंडी जाकर जांच की तो किसानों के 51 हजार का धान बेचने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने किसानों को कोतवाली में बैठाकर मारपीट की तहरीर लिखवा ली और उन्हें 20 हजार रुपये यह कर लौटा दिए कि बाकी रकम बदमाश पकड़े जाने के बाद दे दी जाएगी। पुलिस का यह दांव उल्टा पड़ गया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस की इस कारगुजारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। किसानों का कहना है कि पुलिस ने जो रकम लौटाई है, उसमें दो हजार का वह नोट भी था, जिसे लेकर उनकी आढ़ती से नोकझोंक हुई थी। यह नोट बदमाशों द्वारा लूटी गई 51 हजार रुपये की रकम में शामिल था, पिर ये पुलिस के पास कैसे पहुंच गया।
वीडियो वायरल होने के बाद रविवार रात पुलिस पीड़ित किसानों के गांव पहुंची थी। पुलिस ने मामला रफा-दफा करने के लिए तीनों किसानों से मिलने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मिले। इसके बाद दिन में भी कई बार पुलिस ने फोन करके उन्हें कोतवाली बुलाया, लेकिन वे नहीं आए। पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्हें डर है पुलिस उनसे साधा कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराके फंसा न दे, जबकि पुलिस का कहना है कि कुछ बदमाशों की तस्वीरें दिखाकर शिनाख्त करानी है, इसलिए किसानों को कोतवाली आने के लिए कहा जा रहा है। किसानों ने मंगलवार को थाने आकर फोटो देखकर शिनाख्त करने का पुलिस को भरोसा दिया है।