बरेली। बिजली कर्मियों ने सोमवार से 48 घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। पहले दिन ही विभागीय कामकाज चौपट हो गया। सबसे ज्यादा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र रहा। दर्जनों फाल्ट होने से बिजली सप्लाई नेटवर्क चरमरा गया। नए कनेक्शन देने और बिल संशोधन का कार्य भी ठप रहा। आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन और सभा कर चेतावनी दी कि ईपीएफ घोटाला मामले में प्रभावी कार्रवाई होने तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।
पॉवर कारपोरेशन ईपीएफ घोटाले में शामिल आईएएस और अन्य जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई न होने से नाराज विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश भर में दो दिन कामकाज ठप रखने का आह्वान किया है, इसके तहत सोमवार को पहले दिन ही विभागीय व्यवस्थाएं चरमरा गईं। सोमवार सुबह से ही कर्मचारी कार्यालयों से अनुपस्थित रहे। बिल जमा करने के काउंटर भी नहीं खुले। नए कनेक्शन और बिल संशोधन कराने पहुंचे लोगों को मायूसी हुई। कई कार्यालयों में ताले लगे रहे। आंदोलन का सबसे ज्यादा प्रभाव ग्रामीण इलाकों में रहा। रिठौरा, भोजीपुरा, बहेड़ी, फरीदपुर, भुता, नवाबगंज, आंवला, मीरगंज आदि स्थानों पर फाल्ट होने से सप्लाई बाधित रही, लेकिन स्टाफ ने सरकारी फोन नंबरों पर आने वाली कॉल तक रिसीव नहीं कीं। चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में प्रदर्शन के दौरान हुई सभा में विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति के प्रमुख रंजीत चौधरी ने कहा कि सरकार तुरंत ईपीएफ सुरक्षा गारंटी ले और इसकी अधिसूचना भी जारी करे और घोटाले में शामिल आईएएस अफसरों पर प्रभावी कार्रवाई करे। इस दौरान तारीक मतीन, उमेश सोनकर, एनके मिश्रा, तारिक जलील, सत्यार्थ गंगवार, राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल, सुशील गर्ग, महेंद्र सिंह आदि ने भी विचार रखे।