‘तकनीकी घाटा कम कर सस्ती बिजली देना संभव’
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बरेली। केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि घर-घर बिजली पहुंचाने के बाद बिल भी सस्ता करने पर कवायद हो रही है। बिजली दरें कम करने के लिए यूपी समेत कई राज्यों में मांग उठने लगी है। उत्पादन के लिहाज से भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। उधर, नई तकनीक से बने उपकरण खपत कम करने में सहायक हो रहे हैं। इससे एक-दो राज्यों में मांग घटी है।
बरेली क्लब मैदान पर आयोजित बैकमा मेले के दूसरे दिन मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले देश के हजारों गांव बिजली से वंचित थे। अब सौभाग्य योजना से हर गांव में विद्युतीकरण हो गया है। बिजली सुलभ होने के बाद अब दरें सस्ती करने की मांग उठने लगी है। इसके लिए सरकार तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान दस प्रतिशत से नीचे लाने के लिए अभियान चला रही है, इससे बिजली कंपनियों का घाटा कम होगा और लोगों को सस्ती दरों पर बिजली देना संभव होगा। नई तकनीक से बने उपकरण भी बिजली खपत कम करने में सहायक हो रहे हैं। एलईडी बल्ब खरीदना पांच वर्ष पहले महंगा था, लेकिन अब इसकी कीमतें नब्बे फीसदी तक कम हो गई हैं। एलईडी के उपयोग से बिजली की खपत कम हुई है। मेले में पहुंचने पर संजीव चांदना, रविंद्र सिंह यादव, सौरभ भसीन, नरेश शर्मा डब्बू आदि ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया।