बरेली। नवाबगंज तहसील में लगा सबमर्सिबल खराब होने से फरियादों की पेयजल की किल्लत होने लगी। इस पर तहसीलदार प्रदीप रमन ने जल निगम के जेई (विद्युत यांत्रिक) को फोन किया तो जवाब मिला- मैं आपका नौकर नहीं हूं। तहसीलदार ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को जेई के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है। पत्र की कॉपी डीएम को भी भेजी गई है।
तहसीलदार नवाबगंज प्रदीप रमन ने अपने पत्र में कहा है कि 24 अक्तूबर को तहसील परिसर में लगा सबमर्सिबल खराब हो गया, इसे जल निगम अफसर सही कराने ले गए। मगर इसके वापस न आने से तहसील परिसर में पेयजल की किल्लत हो गई है। फरियादियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। यह सबमर्सिबल 18 जून को भी खराब हुआ था। इस पर उन्होंने 17 अक्तूबर को जल निगम के अधिकारियों को फोन किया तो जल्दी सही कराने का आश्वासन दिया गया, मगर यह एक नवंबर तक ठीक नहीं हुआ। इसके चलते ही एक नवंबर को उन्होंने जेई को फोन किया तो उन्होंने जवाब दिया- मैं आपका नौकर नहीं हूं। तहसीलदार ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर सबमर्सिबल सही कराने और जेई के खिलाफ कार्रवाई को कहा है। उन्होंने पत्र की कॉपी डीएम, सीडीओ और एडीएम प्रशासन को भी भेजी है।
तहसीलदार से मैंने नौकर होने संबंधी कोई बात नहीं कही है। सबमर्सिबल की मोटर खराब हो गई है, उसका ठीक होना मुश्किल है, इसलिए एस्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। - योगेश कुमार, जेई, जल निगम (विद्युत यांत्रिक)
सबमर्सिबल सही कराने के लिए पत्र लिखा था और फोन किया गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस पर शुक्रवार को जब मैंने जेई को फोन किया तो उन्होंने दुर्व्यवहार किया। - प्रदीप रमन, तहसीलदार, नवाबगंज