बरेली। ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करने वाले एक छात्र को लेखपाल ने घूस न देने पर अपात्र करार दे दिया। मानवाधिकार आयोग में शिकायत करने के बाद उसे सर्टिफिकेट जारी किया गया लेकिन तब तक इतनी देर हो चुकी थी कि छात्र पीएचडी में एडमिशन नहीं ले सका।
गांव अटा कायस्थान निवासी छात्र इमरान खान गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस) कोटे के तहत पीएचडी में एडमिशन के लिए आवेदन करना चाहते थे। 20 जुलाई को उन्होंने ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया। इमरान का आरोप है कि लेखपाल ने रिश्वत न देने पर उनका आवेदन गुम करने के साथ उन्हें अपात्र करार दे दिया। उन्होंने मानवाधिकार आयोग में शिकायत की तो सोमवार को उसी लेखपाल ने उनका ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट जारी कर दिया। मगर इस प्रक्रिया में देरी के चलते वह एडमिशन से वंचित रह गए। उन्होंने डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह एवं एसडीएम सदर से शिकायत करके लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इमरान का यह भी आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में जो आरटीआई लगाई हैं, उन्हें वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है।