बरेली। धनतेरस पर जब लोग खरीददारी के लिए घरों से निकलने को तैयार होंगे, उसी दौरान उर्स-ए-रजवी के कुल में शिरकत के लिए आई लाखों अकीदतमंदों की भीड़ शहर से निकल रही होगी। धनतेरस और कुल एक ही दिन होने से प्रशासन-पब्लिक और व्यापारी तीनों टेंशन में हैं। व्यापारियों का मानना है कि अगर कुल में आई भीड़ को शाम को पांच बजे के बाद भी शहर में नजर आई तो इसका सीधा असर धनतेरस पर पड़ेगा।
पिछले साल भी धनतेरस और उर्से रजवी का कुल एक ही दिन पड़ा था। तब पुलिस-प्रशासन का पूरा अमला कुल में आए अकीदतमंदों को शाम चार बजे तक शहर से निकालने में जुटा था, तब कहीं धनतेरस का मार्केट लगना शुरू हुआ था। इस बार फिर वही स्थिति है। इससे प्रशासन और पब्लिक के साथ कारोबारी भी चिंतित हैं। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने हालात संभालने के लिए बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। व्यापारी वर्ग भी प्रशासन की कोशिशों में सहयोग देने की बात कह रहा है। ज्यादातर कारोबारियों ने कहा कि प्रशासन को किसी भी तरह शाम चार बजे तक बाजार को धनतेरस के लिए तैयार कराना पड़ेगा। तभी शहर के लोग खरीददारी के लिए समय से घरों से निकल पाएंगे।
पुराना बस स्टेशन बंद रहेगा
धनतेरस पर पुराना बस स्टेशन से बसों का संचालन सुबह ही बंद हो जाएगा। इस इलाके में सिर्फ दोपहिया वाहनों को ही लेकर आने की अनुमति दी जाएगी। यहां से चलने वाली सभी बसें सेटेलाइट स्टैंड से संचालित होंगी। देर रात को पुराने स्टेशन से बसें चलाई जा सकती हैं। दिल्ली, हल्द्वानी, देहरादून मार्ग पर सेटेलाइट अड्डे से ही बसें बड़ा बाईपास होते हुए जाएंगी। पीलीभीत मार्ग पर यथावत व्यवस्था रहेगी। लखनऊ, कानपुर, बदायूं, आगरा दिशा में जाने वाली बसें भी सेटेलाइट से ही चलेंगी।
बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज
धनतेरस और आला हजरत के उर्स के कुल के मौके पर स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। गुरुवार 24 अक्टूबर को चिह्नित बाजारों में यातायात नियंत्रण करने के लिए अतिरिक्त बल लगेगा। भीड़भाड़ वाले इलाके भी चिह्नित किए गए हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन, सीसीटीवी और छतोें से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर निगरानी होगी। यातायात डायवर्जन आदि भी व्यवस्था का प्लान बनाया गया है।