बरेली। फरीदपुर तहसील के गांव तराखास के ग्रामीणों की शिकायत है कि उनके गांव में चकबंदी प्रक्रिया के नाम पर लूट खसोट चल रही है। जो काश्तकार सुविधा शुल्क नहीं दे रहे हैं, उनकी समतल भूमि लेकर गड्ढे और उबड़-खाबड़ जमीन दी जा रही है। इसके अलावा कई और गंभीर गड़बड़ियां भी बरती गई हैं। जिला चकबंदी अधिकारी ने इस मामले की जांच शुरू कराते हुए गांव में पहुंचकर खसरा-खतौनी के रिकार्ड चेक कर कार्रवाई करने की बात कही है।
तराखास में इन दिनों चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। गुरुवार को कलक्ट्रेट में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने चकबंदी में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चकबंदी का स्टाफ गांव में लूट मचाए हुए है। तमाम किसानों के नाम और उनकी भूमि का रिकार्ड जानबूझकर गलत तरीके से दर्ज किया जा रहा है। चकबंदी में भूमि की कटौती को भी मनमाने ढंग से चक में 10 से 15 फीसदी की कटौती कर खेल किया जा रहा है। यह भी आरोप लगाया कि जो काश्तकार यह नहीं चाहते कि उनके चक का विभाजन हो तो उनके संयुक्त चक बनाने के लिए उगाही की जा रही है। इतना ही नहीं, कई किसानों की समतल और उपजाऊ जमीन लेकर उसके बदले गड्ढायुक्त और उबड़-खाबड़ जमीन आवंटित की जा रही है। कलक्ट्रेट में ग्राम प्रधान मैनात देवी के साथ तमाम ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत करते हुए डीएम को दरख्वास्त भी दी। इस मामले में जिला चकबंदी अधिकारी प्रेमचंद्र द्विवेदी का कहना है कि गांव वालों के आरोपों की जांच कराई जा रही है। जल्द ही मुख्यालय से एक टीम भेजकर किसानों के रिकार्ड और जमीन आवंटन की प्रक्रिया का सत्यापन कराएंगे।