बरेली। बरेली-मथुरा हाईवे एनएचएआई से फिर राज्य सरकार को ट्रांसफर होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आदेश पर एनएचएआई अधिकारियों ने इसके लिए लिखापढ़ी शुरू कर दी है। पिछले साल मार्च में ही 225 किमी लंबे इस हाईवे को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर इसके चौड़ीकरण का प्रोजेक्ट तैयार करना शुरू किया था। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी लेकिन अब नए फैसले के बाद यह कवायद और लंबी खिंचने के आसार पैदा हो गए हैं।
बरेली-मथुरा हाईवे को मार्च 2018 में पीडब्ल्यूडी से एनएचएआई को ट्रांसफर किया गया था। यह हाईवे बरेली से बदायूं तक फिलहाल करीब 14 मीटर चौड़ा है। राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होने के बाद इस हाईवे को बरेली से मथुरा तक 17 मीटर चौड़ा किया जाना था। इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि का अधिग्रहण भी करना था। जिला प्रशासन ने बरेली के साथ बदायूं में भी इस प्रोजेक्ट के लिए 113 गांवों में जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई भी शुरू कर दी थी। एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक करीब 1200 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा था। इस बीच मंत्रालय ने इसे राज्य सरकार को वापस करने का फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि अब इस सड़क प्रोजेक्ट को पीडब्ल्यूडी या स्टेट एनएच पूरा करेगी। इस प्रोजेक्ट के वापस स्टेट के पास चले जाने से प्रोजेक्ट के तेजी से आगे बढ़ पाने की उम्मीद कम हो गई है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के फैसले के बाद इस हाईवे को राज्य सरकार को वापस किया जा रहा है। इसके चौड़ीकरण के प्रोजेक्ट भी स्टेट को सौंप दिया जाएगा। मंत्रालय ने ऐसा फैसला क्यों लिया है, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। -पंकज कुमार, डिप्टी जीएम एनएचएआई