बरेली। शहर में भले ही अवैध निर्माण की भरमार हो लेकिन उद्योग व्यापार प्रतिनिधि व्यापार मंडल एक अवैध निर्माण को लेकर इतना ज्यादा फिक्रमंद है कि इसे रोकने के लिए मुख्यमंत्री तक जाने को तैयार है। दरअसल मामला पीलीभीत रोड पर बन रहे एक होटल का है जिसका निर्माण अवैध बताते हुए सोमवार को व्यापार मंडल के पदाधिकारी बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल से शिकायत करने पहुंचे। यूं तो इस होटल का नक्शा बीडीए ने ही मंजूर किया है लेकिन व्यापारी नेताओं ने आरोप लगाया कि बीडीए स्टाफ ने इसमें पैसा खाया है। बीडीए वीसी ने व्यापारियों की मांग पर एक टीम बना दी है जो जांच करेगी कि होटल का निर्माण नक्शे के अनुरूप ही हो रहा है या नहीं।
व्यापारी नेताओं की शिकायत पीलीभीत रोड पर बन रहे रेडीसन होटल को लेकर थी। बीडीए उपाध्यक्ष से व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शोभित सक्सेना के नेतृत्व में मिलने पहुंचे प्रतिनिधि मंडल ने शिकायत की कि होटल का निर्माण पुरानी इमारत की जगह पर कराया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि पुरानी इमारत तोड़कर उसकी जगह नया नक्शा किस आधार पर हो मंजूर हो सकता है। उन्होंने बीडीए स्टाफ पर पैसा लेकर नक्शे को मंजूरी देने का आरोप लगाया। हालांकि यह भी मांग की कि अगर बीडीए ने इसका नक्शा पास किया है तो उन्हें उसकी कॉपी उपलब्ध कराई जाए और अगर नक्शा पास नहीं है तो इसका निर्माण रुकवा दिया जाए। प्रतिनिधि मंडल को बीडीए उपाध्यक्ष ने टीम बनाकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। वैसे उन्होने प्रतिनिधि मंडल को यह भी बताया कि होटल का नक्शा स्वीकृत है लिहाजा कमेटी सिर्फ यह जांच करेगी कि होटल का निर्माण नक्शे के खिलाफ तो नहीं किया जा रहा है। व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल में राजकुमार राजपूत, अमरजीत बख्शी, शोएब खां, मनोज अरोरा, चंद्रभान गुप्ता, आशू बेग सहित कई व्यापारी नेता शामिल थे।
650 अवैध निर्माण चिह्नित कर चुका है बीडीए
बीडीए ने शहरभर में कुछ ही समय पहले करीब साढ़े छह सौ अवैध निर्माणों को चिह्नित कर उन्हें कराने वालों को नोटिस जारी किए थे। बीडीए ने इक्का-दुक्का मामलों को छोड़कर इनमें से किसी पर कार्रवाई नहीं की है। बीडीए अधिकारियों का कहना है कि नवरात्र के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। हालांकि सवाल खड़ा हो रहा है कि जब शहर में साढ़े छह सौ अवैध निर्माण हैं तो व्यापार मंडल सिर्फ एक अवैध निर्माण के पीछे क्यों पड़ा हुआ है।
जिस होटल की शिकायत हुई है, उसका नक्शा पास है लेकिन उसका निर्माण उसी आधार पर हो रहा है या नहीं। इसकी जांच के लिए मैंने एक्सईएन के नेतृत्व में टीम का गठन कर दिया है। -दिव्या मित्तल, बीडीए उपाध्यक्ष