बरेली। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच कराने के नाम पर खेल करने की वजह से दो दिन पहले ही अपने आयुक्त की ओर से कारण बताओ नोटिस पाने वाले एफएसडीए अफसर सोमवार को कमिश्नर की ओर से बुलाई गई मंडलीय बैठक में भी पूरी तरह फेल हो गया। 18 बिंदुओं पर हुई समीक्षा में नौ बिंदुओं पर तो बरेली के एफएसडीए अफसर मंडल के दूसरे जिलों की तुलना में पूरी तरह फिसड्डी साबित हुए, बाकी नौ बिंदुओं पर भी उनका प्रदर्शन किसी से बेहतर नहीं निकला। जिला अभिहित अधिकारी तो इस बैठक में ही नहीं पहुंचे।
सोमवार सुबह कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने समीक्षा बैठक में चारों जिलों के एफएसडीए अफसर बुलाए थे, हालांकि ऐन मौके पर उन्हें खुद शाहजहांपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जाना पड़ा लिहाजा उन्होंने अपर आयुक्त अरुण कुमार को बिंदुवार समीक्षा के बाद रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दे दिया। 18 बिंदुओं पर हुई समीक्षा में बरेली की टीम पूरी तरह फेल साबित हुई। मानक के अनुरूप नमूने भरने का प्रतिशत सिर्फ 54 पाया गया। यही नहीं बल्कि सिंथेटिक दूध के सर्वाधिक संवेदनशील केंद्र भी बरेली में पाए गए। शाहजहांपुर में 93 खाद्य प्रतिष्ठान बिना पंजीकरण के चलते पाए गए। मंडल मुख्यालय होने के बावजूद बरेली में सुधार संबंधी कार्रवाई असंतोषजनक मिली। स्कूलों में मिलावट, सफाई और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता संबंधी प्रचार प्रसार भी शून्य पाया गया। स्लाटर हाउस, मीट प्रोसेसिंग यूनिट के निरीक्षण के संबंध में बरेली टीम ने कोई रिपोर्ट तक नहीं दी थी। बरेली में 38 खाद्य कारोबार के आवेदन भी लंबित पाए गए। पोर्टल पर होने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति दयनीय निकली।
अभिहित अधिकारी नहीं पहुंचे
जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा मंडलीय बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक कर अपर आयुक्त अरुण कुमार ने उनके न आने का कारण पूछा तो बताया गया कि वह बीमार हैं। बताया गया कि वे 26 सितंबर से अवकाश पर हैं मगर किस अधिकारी से अवकाश लेकर गए हैं, अधीनस्थ यह जानकारी नहीं दे पाए।
प्लास्टिक के खिलाफ अभियान नहीं चलाया
एफएसडीए बरेली टीम ने आयुक्त मिनिस्ती एस. के निर्देश पर 27 सितंबर से मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया है। समीक्षा पाया गया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक, कैरी बैग, थर्मोकोल से निर्मित एक बार उपयोग के उत्पादों के खिलाफ भी अभी तक शुरू नहीं किया है। अपर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए असंतोष जताया। साथ ही बदायूं और पीलीभीत जनपद इस प्लास्टिक अभियान में फिसड्डी पाया गया। उन्होंने अभियान चलाने पर जोर दिया। समीक्षा बैठक की रिपोर्ट तैयार कर मंडलायुक्त को सौंपी जाएगी। बैठक में चारों जिलों के एफएसडीए अफसर मौजूद रहे।