बरेली। जिला जेल में कैदी की आत्महत्या के मामले में परिवार ने जेल प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर बेटी ने आरोप लगाया कि जेल में पिता के साथ कुछ गलत हुआ है। वे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई को कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
शुक्रवार को जिला जेल में बंद पप्पू उर्फ शुजातुल्लाह ने अपनी बैरक के ऊपरी हिस्से में फंदा लगाकर जान दे दी। पप्पू के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें हैंगिंग से ही मौत की पुष्टि हुई। यहां मौजूद बेटे शारुल, बेटी फैजी व अन्य रिश्तेदारों ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाए। कहा कि आत्महत्या की कोई वजह नहीं थी। उन्होंने फंदा भी लगाया तो कुछ ऐसा जरूर है जिसे जेल प्रशासन बताना नहीं चाहता। आखिर उन लोगों को पांच घंटे बाद मौत की सूचना क्यों दी गई। इस बीच में क्या घटना के सबूत मिटा दिए गए। घटना के वक्त जेल के अफसर और स्टाफ कहां थे? ऐसे कई सवालों के जवाब जेल अफसरों को देने पड़ेंगे।
पत्नी को मिली पेरोल
पति के सुपुर्दे खाक की खातिर परिवार की ओर से लगाई गई याचिका के बाद पप्पू की पत्नी हजरा बेगम को 12 घंटे की पेरोल मिल गई। रात नौ बजे वे अपने घर पहुंच गईं। उन्हें लेकर एक महिला औक दो पुरुष सिपाही पहुंचे और वहीं ठहर गए। रविवार सुबह उन्हें फिर जेल ले जाया जाएगा। वैसे परिवार ने जेल में ही बंद पप्पू के दोनों भाइयों की भी पेरोल मांगी थी।