दबतोरी। चंदौसी-बरेली उत्तर रेलवे रूट पर विद्युतीकरण का कार्य इन दिनों काफी तेजी से चल रहा है। रेलवे अधिकारियों ने टीएसएस (ट्रैक्शन सब स्टेशन) बनाने के लिए आसफपुर रेलवे स्टेशन के पास की भूमि का चयन कर निर्माण शुरू कर दिया है। इसके अलावा करेंगी और आंवला रेलवे स्टेशन पर स्विच प्वाइंट बनना शुरू हो चुके हैं। बता दें कि इस रेल रूट पर कोयले से चलने वाली ट्रेनों के बंद होने के बाद डीजल के इंजनों के द्वारा ट्रेनों का काफी वर्षों से संचालन हो रहा है ।
सरकार ने बीते वर्ष मुरादाबाद से चंदौसी बरेली और अलीगढ़ रेल रूट पर विद्युतीकरण करने की मंजूरी दी थी जिसका बजट जारी होने के बाद जून माह से इस रेल रूट पर विद्युतीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। मुरादाबाद से चंदौसी, सिसरका, आसफपुर, दबतोरी, करेंगी, रेवती बहोराखेडा, आंवला रेलवे स्टेशन के बीच कार्य लगभग अंतिम दौर में पहुंच चुका है। बिशारतगंज, रामगंगा के बीच भी कार्य तेजी से चल रहा है जो इस माह के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है । अक्टूबर माह में इस रेल रूट पर बिजली से चलने वाली ट्रेनों का ट्रायल शुरू हो जाएगा। रेल कर्मचारियों की जानकारी के मुताबिक सबसे अधिक समय रामगंगा स्टेशन के पास गंगा के पुल पर विद्युतीकरण के कार्य में लग रहा है। इस रेल रूट पर बिजली सप्लाई जारी करने के लिए आसफपुर रेलवे स्टेशन के पास खाली पड़ी रेलवे की भूमि पर टीएसएस का निर्माण शुरू हो चुका है। इसके अलावा करेंगी और आंवला रेलवे स्टेशन पर स्विच प्वाइंट के लिए भूमि का चयन किया गया है, जिस पर भी निर्माण शुरू हो चुका है।
ट्रेनों की बढ़ेगी गति, लगेगा कम समय
- बिजली से इस रेल रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद ट्रेनों की गति बढ़ेगी, जिससे यात्री कम समय में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। रात के समय सभी रेलवे स्टेशन रोशनी से जगमगाएंगे, जिसके लिए दबतोरी समेत सभी स्टेशनों पर लाइटों को लगा दिया गया है। बिजली के तारों से सप्लाई खत्म कर केबल डालकर अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई शुरू की गई है जिससे कोई रेल हादसा न हो सके ।
चंदौसी-बरेली रेल लाइन के बीच विद्युतीकरण का कार्य अंतिम दौर में पहुंच चुका है। आसफपुर में 132/ 25 केवी का टीएसएस बनना शुरू हो चुका है। इसके अलावा करेंगी, आंवला, बिशारतगंज, रामगंगा रेलवे स्टेशन पर स्विच प्वाइंट बनेंगे ।
गौरव गोयल, डिप्टी चीफ इलेक्ट्रिक इंजीनियर, मुरादाबाद