फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झूठ बोलने वाली सहायिका होगी बर्खास्त, डीएम ने दिए निर्देश

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। आंगनबाड़ी सहायिका गांव में टीका होने के लिए बच्चे बुलाने का बहाना बनाकर आंगनबाड़ी केंद्र से लापता रहीं। डीएम जब निरीक्षण करते हुए टीकाकरण कैंप तक पहुंचे, तो पता चला आंगनबाड़ी सहायिका वहां आई ही नहीं है। यह सुनकर डीएम का पारा चढ़ गया, उन्होंने झूठ बोलकर कार्य में लापरवाही मानते हुए आंगनबाड़ी सहायिका गंगादेवी की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

गुरुवार को डीएम दिनेश कुमार सिंह ने ब्लॉक सालारपुर के दहेमी गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में संचालित दोनों आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र पर आंगनबाड़ी सहायिका और वजन मशीन के बारे में पूछा, तो आंगनबाड़ी केन्द्र प्रथम की आंगनबाड़ी कैलाशो देवी ने बताया कि आंगनबाड़ी सहायिका गंगा देवी वजन मशीन लेकर गांव में चल रहे टीकाकरण में गई हैं। पुष्टाहार के संबंध में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं। आंगनबाड़ी केंद्र में न तो विद्यालय से तार जोड़कर बिजली की व्यवस्था थी और न ही आंगनबाड़ी केंद्र की रंगाई-पुताई, साफ-सफाई हुई थी। चारों ओर गंदगी देखकर डीएम भड़क गए। उन्होंने सुपरवाइजर विजयलक्ष्मी का वेतन काटने के साथ प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए हैं। वहीं डीएम निरीक्षण करते हुए जब टीकाकरण कैंप पहुंचे, तो वहां मौके पर मिली एएनएम ने उन्हें अवगत कराया कि आंगनबाडी सहायिका गंगादेवी नहीं आई हैं और न ही कोई वजन मशीन भेजी गई है। बच्चों का वजन उनकी अपनी मशीन से किया जा रहा है। यह सुनकर डीएम का पारा चढ़ गया, उन्होंने झूठ बोलकर कार्य में लापरवाही मानते हुए आंगनबाड़ी सहायिका की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए।
डीएम ने विद्यालय की रसोई में पहुंचकर निरीक्षण किया, तो भोजन मेन्यू के अनुसार नहीं बनाया गया था। रसोइया ने बताया कि यह उसने प्रभारी प्रधानाचार्य के कहने पर किया है। डीएम ने प्रभारी प्रधानाचार्य मोनी वैश्य की कड़ी फटकार लगाते हुए मेन्यू के अनुसार भोजन बनाने के निर्देश दिए। कहा कि व्यवस्थाओं में गड़बड़ी करने वालों से कोई रियायत न बरतते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

वहीं डीएम ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाचार्या कमला देवी को विद्यालय को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं। अनुदेशक, चतुर्थ श्रेणी दोनों का जवाब तलब करने के भी निर्देश दिए। डीएम ने प्रधानाचार्य से कंपोजिट ग्रांट में आयी धनराशि 25 हजार रुपये के व्यय के संबंध में पूछा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं, डीएम ने इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रधान को चेतावनी देने के निर्देश देेते हुए कहा कि विद्यालय की देख-रेख में रुचि न लेने वाले ग्राम प्रधानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें