बरेली। दिल्ली रोड पर परसाखेड़ा में बीडीए ने बरेली की पहचान ‘झुमका’ चौराहे को तेजी के बनवाना शुरू कर दिया है। यहां चौराहे पर स्ट्रक्चर बनना भी शुरू हो गया है। धातु के रंग-बिरंगे झुमके को बनाने का काम गाजियाबाद की एक फर्म को पहले ही दिया जा चुका है। बीडीए के अधिकारियों का दावा है कि इस झुमका चौराहे का निर्माण सितंबर के अंत या अक्तूबर की शुरुआत तक पूरा हो जाएगा।
1966 में आई फिल्म मेरा साया के गाने, ‘झुमका गिरा रे बरेली के बाजार में’, ने बरेली को झुमका वाले शहर के तौर पर पहचान दिलाई थी, लेकिन शहर में कहीं झुमका चौराहा नहीं बना है। अब बीडीए शहर को यह पहचान दिलाने जा रहा है। बीडीए वीसी दिव्या मित्तल की पहल पर परसाखेड़ा में शहर के इंट्री प्वाइंट पर एक बड़े झुमके को लगाने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही जीरो प्वाइंट पर करीब 60 लाख रुपये की लागत से 28 फुट ऊंचा झुमका लगाया जाएगा। झुमका चौराहे का काम इन दिनों तेजी से पूरा किया जा रहा है। इन दिनों रोटरी वाले पोल लगाने का काम चल रहा है। रंग-बिरंगी रोशनी के बीच विशाल झुमका लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा। धातु का झुमका बनाने का ठेका पहले ही गाजियाबाद की एक फर्म को दिया जा चुका है। बताते हैं कि 15 से 20 दिन के अंदर यह फर्म झुमका तैयार करके बीडीए को सौंप देगा। पहले झुमका लगाने की लिए डेलापीर चौराहे का चयन किया गया था। बाद में यहां जगह की कमी बताते हुए इसे परसाखेड़ा में लगाया जाना तय हुआ।
झुमका चौराहे का काम जोरशोर से पूरा कराया जा रहा है। उम्मीद है कि इस माह के अंत तक इस चौराहे को बनाने का काम पूरा हो जाएगा। झुमका के नाम से पहचान बनाने वाले बरेली शहर के लिए यह चौराहा काफी खास रहेगा।
-दिव्या मित्तल, बीडीए वीसी