बरेली। छोटे मकान बनाने के इच्छुक लोगों को बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल की पहल से बड़ी राहत मिली है। इन लोगों को मकान का नक्शा बनवाने के लिए आर्किटेक्ट के काफी नखरे झेलने पड़ते थे। ऐसे नक्शों से मामूली फीस ही मिलने की वजह से आर्किटेक्ट आसानी से उन पर हाथ नहीं रखते थे, लेकिन अब यह दिक्कत बीडीए ने आसान कर दी है। बीडीए वीसी की ओर से सामान्य आय वाले लोगों को राहत देने के लिए शासन को सौ वर्गमीटर तक क्षेत्रफल के मकानों के नक्शे खुद बीडीए की ओर से बनाने का प्रस्ताव भेजा था जिसे शासन ने मंजूरी दे दी है।
सौ वर्गमीटर तक के वैध भूखंडों पर मकान बनाने में सबसे बड़ी कठिनाई ऑर्किटेक्ट से इसका नक्शा बनवाना ही था। अगर कोई आर्किटेक्ट नक्शा बनाने को तैयार हो जाए तो फिर उसकी बीडीए दफ्तर में स्वीकृति लेने के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। दिक्कत यह थी कि छोटे-छोटे भूखंडों के नक्शे बनाने में वैसे ही आर्किटेक्ट कोई खास दिलचस्पी नहीं लेते और अगर नक्शा बनाने को तैयार भी हो जाएं तो इसके लिए उन्हें काफी ज्यादा फीस देनी पड़ती है। ऐसे में मध्यमवर्गीय लोगों को नक्शा पास कराने में काफी असुविधा झेलनी पड़ती है। इसी परेशानी को देखते हुए बीडीए वीसी दिव्या मित्तल ने शासन को सुझाव भेजा था कि सौ वर्गमीटर तक की जमीनों के नक्शे के लिए बीडीए का स्टाफ का खुद ही स्टैंडर्ड नक्शा तैयार करके दे दे। इसमें भवन का बाहरी ढांचा, इसमें सेट बैक सहित दूसरे मानकों का अनुपालन कराते हुए तैयार नक्शे की स्वीकृति दे दी जाए। वीसी का कहना है कि इससे आम लोगों को दौड़भाग नहीं करनी पड़ेगी। उनका कहना है कि वह कुछ दिन पहले आवास विकास परिषद के प्रमुख सचिव की मीटिंग में गई थीं, वहां उन्हें इस सुझाव को शासन के मान लेने की जानकारी हुई है। इसका शासनादेश भी जल्द ही मिल जाएगा।
ऑनलाइन नक्शा स्वीकृत कराने की होगी व्यवस्था
यूपी ऑनलाइन बिल्डिंग एप्रूवल सिस्टम (यूपीओबीपीएस) के जरिये ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृत किए जाने की प्रणाली विकसित की जा रही है। उस व्यवस्था में आवेदक के द्वारा आर्किटेक्ट के माध्यम से नक्शा बनवाकर उसे अपलोड किया जा सकता है। इस सिस्टम को जल्द ही बीडीए में लागू किया जाएगा। इसका ट्रॉयल लखनऊ विकास प्राधिकरण पहले ही कर चुका है।
सौ वर्गमीटर तक के छोटे भूखंडों का नक्शा बीडीए में ही बनवाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। इससे पब्लिक को काफी राहत मिलेगी।
-दिव्या मित्तल, बीडीए वीसी