बरेली। बढ़ी हुईं बिजली दरें लागू होने में भले ही अभी कुछ दिन बाकी हों, लेकिन कारोबारी, उपभोक्ता, किसान आदि ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन (आईआईए) ने कहा है कि इससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। अप्रत्यक्ष तौर पर ग्राहक पर ही आर्थिक बोझ आएगा। गृहणियां भी दरें बढ़ने से नाखुश हैं। उनका कहना है कि दाम बढ़ने से उनका बजट गड़बड़ा जाएगा। बातचीत में लोगों ने बताया कि अगर सरकार विभागीय भ्रष्टाचार और मनमानी पर लगाम लगाए तो कभी घाटा नहीं होगा। इसके साथ ही बिजली चोरी करने वालों पर सख्ती न करके पॉवर कारपोरेशन ने सरकार को गुमराह किया है। इसी कारण प्रदेश में 12 प्रतिशत तक बिजली दरें बढ़ा दी गईं।
उद्योग पर अनुचित बोझ
उद्योग जगत पहले ही मंदी की चपेट में है। बिजली दरें अभी नहीं बढ़नी चाहिए थीं। भले ही औद्योगिक कनेक्शनों पर दरें सबसे कम बढ़ाई हैं, लेकिन इससे कारोबारी प्रभावित होगा। त्योहारी सीजन पर दरें बढ़ने से आर्थिक बोझ बढ़ेगा। सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में सोलर सिस्टम को बढ़ावा दे तो बढ़ी दरों का मुकाबला किया जा सकता है।
- दिनेश गोयल, उद्यमी
अभी मदद मिलना जरूरी
औद्योगिकीकरण तेज करने के लिए एक ओर सरकार मदद कर रही है तो दूसरी ओर बिजली दाम बढ़ा रही है। अभी कम से कम दो साल मदद मिलना जरूरी है। अब हम उत्पादन बढ़ाकर इसकी भरपाई करेंगे। पॉवर एक्सचेंज सिस्टम औद्योगिक क्षेत्रों में लागू कर दिया जाए तो उत्पादन लागत में कमी आ सकती है और आर्थिक बोझा कम होगा।
- घनश्याम खंडेलवाल, चैंबर ऑफ कामर्स
किसानों पर मार पड़ेगी
कृषि क्षेत्र में भी बिजली दरें बढ़ाई गईं हैं। इससे किसान और कृषि क्षेत्र प्रभावित होगा। यह तर्कसंगत फैसला नहीं है, क्योंकि एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है तो दूसरी आेर बिजली महंगी कर रही है। लग्जरी सेक्टर में दरें बढ़ाना चाहिए।
- अनिल साहनी, प्रगतिशील किसान
सरकार उद्यमियों को राहत दे
सरकार बढ़ी बिजली दरों पर फिर से विचार करे, क्योंकि अभी उद्योगों को मदद की दरकार है। कई सेक्टर मंदी की चपेट में आ गए हैं। इसलिए उद्योगों पर कोई भी अतिरिक्त बोझा अप्रत्यक्ष तौर पर उपभोक्ताओं को ही प्रभावित करेगा। बिजली सेक्टर में हो रहे घाटे को दूसरे तरीकों से पूरा किया जाना चाहिए।
- सुरेश सुंदरानी, आईआईए
बजट ही गड़बड़ा गया
बिजली दरें बढ़ने से सभी घरों का बजट गड़बड़ाएगा। सरकार कटिया लगाकर चोरी करने वालों पर लगाम लगाए। आए दिन अखबारों में विभागीय भ्रष्टाचार और घपले प्रकाशित होते हैं। इसलिए पॉवर कारपोरेशन में फैले भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर सभी घाटे पूरे किए जा सकते हैं।
- रेनू, गृहणी
कारोबार प्रभावित होगा
कारोबारी पर दोहरी मार पड़ेगी, क्योंकि उसके कामर्शियल और घरेलू कनेक्शन दोनों पर ही 7 से 12 प्रतिशत तक बिजली दरें बढ़ाई गई हैं। इस पर सरकार फिर से सोचे। बिजली चोरों पर लगाम लगाकर घाटा पूरा किया जाए।
- विनय कुमार, कारोबारी