बरेली। तमाम चेतावनियों के बावजूद लोगों के अपने पंद्रह साल पुरानी कार और मोटरसाइकिलों के रजिस्ट्रेशन का रिन्युवल न कराने पर अब परिवहन विभाग ने इन वाहनों को सीज करने के बजाय कंडम घोषित करने का फैसला लिया है। सितंबर से इस अभियान की शुरुआत की जाएगी।
एआरटीओ आरपी सिंह ने बताया कि करीब साल भर से विभाग हर तीन माह पर उन कारों और मोटरसाइकिलों के रजिस्ट्रेशन का रिन्युवल कराने की चेतावनी जारी कर रहा है जो 15 साल से पुराने हो चुके हैं। इसके बाद भी सूची में दर्ज ऐसे करीब 55 हजार वाहनों में से सिर्फ छह हजार लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराया है। करीब 46 हजार वाहन अभी भी शहर की सड़कों पर बगैर रिन्युवल कराए फर्राटा भर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार 15 साल पुराने वाहनों के धुएं से अत्यधिक मोनो कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जित होती है जो वायु प्रदूषण की वजह बनती है। इसलिए इन वाहनों को सड़कों से हटाने का आदेश दिया गया है। रजिस्ट्रेशन रिन्युवल के दौरान वाहन का फिटनेस टेस्ट होता है। अगर वाहन इसमें पास हो जाता है तो उसका नवीनीकरण कर दिया जाता है।
एआरटीओ ने बताया कि 46 हजार वाहनों में करीब 8 हजार कार और 38 हजार बाइक हैं। जो 15 वर्ष पूरे कर चुके हैं लेकिन बिना नवीनीकरण के चल रहे हैं। संभावना जताई कि जागरूक नागरिक वाहनों की मियाद पूरी होने से पहले उन्हें कबाड़ी आदि को बेचकर नया वाहन लेते हैं। इन बेचे गए वाहनों को कुछ लोग खरीदकर जुगाड़ से उनका ठेला आदि बनाकर चला रहे हैं।
22 हजार वाहनों का रजिस्ट्रेशन निलंबित
एआरटीओ ने बताया कि 15 साल पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। करीब 22 हजार वाहनों का रजिस्ट्रेशन निलंबित भी हो चुका है। वहीं, सितंबर से चलने वाले अभियान के दौरान अगर ये वाहन सड़कों पर फर्राटा भरते मिले तो उन्हें सीज कर उनके कंडम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
गाइडलाइन के अनुसार रजिस्ट्रेशन के 15 वर्ष पूरे कर चुके वाहनों का पंजीकरण निलंबित किया जा रहा है। सितंबर से इन वाहनों को पकड़कर कंडम घोषित किया जाएगा। इसके बाद वाहनों को डिस्पोज करने के लिए परिवहन विभाग से दिशानिर्देश मांगा जाएगा। - आरपी सिंह, एआरटीओ