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सांसद निधि से बनवाए जा रहे यात्री शेड में लग रहा जंग

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बरेली। सांसद निधि के कार्यों में एक के बाद एक गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। सांसद धर्मेंद्र कश्यप की निधि से स्ट्रीट लाइटों में घपला होने के बाद अब सांसद-विधायक निधि से बनवाए जा रहे यात्री शेड में गड़बड़ी की बात सामने आई हैं। शिकायतों के बाद इन यात्री शेड के निर्माण की जांच शुरू करा दी गई है। बुखारा रोड पर बने एक यात्री शेड में जंक लगने सहित दूसरी कई खामियां मिली हैं। गर्दन बचाने में जुटे अफसरों का कहना है कि जांच कराए जाने के बाद भी भुगतान किया जाएगा।
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सांसद और विधायक निधि से वर्ष 2018 में विभिन्न जगहों पर 29 यात्री शेड्स बनवाए जा रहे हैं। इसमें प्रत्येक की लागत करीब सवा पांच लाख रुपये है। डीआरडीए ने इन यात्री शेड बनाने का जिम्मा यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (यूपी सिडको) को दिया है। हाल ही में शिकायत हुई है कि इन यात्री शेड को बनाने में घपलेबाजी की जा रही है। इसके बाद यात्री शेड के निर्माण की जांच शुरू हो गई है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन हरबंश सिंह ने बुखारा तिराहे पर आईटीबीपी बाउंड्री के पास यात्री शेड की जांच में पाया कि शेड के पिछले हिस्से में कई ज्वाइंट की वेल्डिंग सही से नहीं की गई है। इसके अलावा कई जगहों पर जंक लग रहा है।
टीनशेड में इस्तेमाल की गई स्टेनलेस स्टील के रेट की भी जांच की गई है। एक्सईएन का कहना है कि 202 टाइप की स्टेनलेस स्टील का मार्केट रेट 145 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि 304 टाइप स्टेनलेस स्टील की दर 165 रुपये प्रति किलोग्राम है। ऐसे में उचित होगा कि डीआरडीए यात्री शेड के लिए 202 टाइप स्टेनलेस स्टील के आधार पर ही कार्यदायी संस्था को इसका भुगतान करे। उधर, डीआरडीए के अधिकारियों का कहना है कि दूसरे टीनशेड की भी जांच कराई जा रही है। इसके बाद ही भुगतान किया जाएगा। गौरतलब है कि हाल में सांसद धर्मेंद्र कश्यप की निधि से भी करीब तीन सौ स्ट्रीट लाइटों को लगवाने में घपलेबाजी सामने आई है। जिस कंपनी को काम दिया गया था कि उनसे आधी-अधूरी लाइटें लगवाईं। जो लगी भी थी, वे भी जल्द ही खराब हो गईं।
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‘यात्री शेड की जांच कराई जा रही है। कई जगहों पर मैंने खुद जाकर यात्री शेड के कामों को देखा है। सभी जगहों पर जांच के बाद ही भुगतान कराया जाएगा।’
- वीरेंद्र कुमार, पीडी, डीआरडीए
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