बरेली/बिथरी। जम्मू कश्मीर से लाकर जिला जेल में बंद किए गए बंदियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन खासा सतर्क है। जेल के अंदर निगरानी बढ़ाने के साथ ही बाहर पुलिस और पीएसी का सघन सुरक्षा घेरा बनाया गया है। शिफ्टों में ड्यूटी लगाकर फोर्स को हर वक्त अलर्ट पर रखा गया है।
जम्मू कश्मीर की जेलों से करीब 23 बंदियों को जिला जेल में शिफ्ट किया गया है। शुक्रवार को एयरफोर्स के विशेष विमान से इन्हें बरेली के त्रिशूल एयरबेस लाया गया। वहां से डीआईजी, डीएम और एसएसपी की निगरानी में बंद गाड़ियों से सारे बंदी बिथरी स्थित जिला जेल ले जाए गए। जेल में इन्हें हाई सिक्योरिटी एरिया में रखा गया है। सुरक्षा के लिए जेल के बाहर अलग-अलग प्वाइंट पर एक कंपनी पीएसी लगाई गई है। बिथरी चैनपुर इंस्पेक्टर ने उच्चाधिकारियों से सुरक्षा के लिहाज से रिजर्व पुलिस फोर्स की मांग की। मगर अंतिम सोमवार और 15 अगस्त की सुरक्षा के मद्देनजर रिजर्व फोर्स नहीं मिल सका। लिहाजा आसपास के थानों से स्टाफ भेजने के निर्देश दिए गए। जेल के बाहर पुलिस और पीएसी के जवान लगातार मूवमेंट कर रहे हैं। जेल के बाहर कई स्थानों पर मोर्चा भी बनाया गया है। इनमें सशस्त्र पुलिस और पीएसी जवानों को तैनात किया गया है। सतर्कता के चलते शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है और हर वक्त सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। बिथरी पुलिस की गाड़ियां भी लगातार मूवमेंट कर रही हैं। इलाके की यूपी 100 पुलिस वैन को भी जेल के पास ही कैंप करने को कहा गया है।
सीसीटीवी कैमरे लगाए, पुराने ठीक कराए
जेल के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया गया। इनमें से कुछ कैमरे काम नहीं कर रहे थे। उन्हें सही कराया गया है। कुछ नए कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि यहां की हर गतिविधि रिकार्ड हो सके। जेल के अंदर बैठकर अधिकारी नजर रख रहे हैं कि कहीं किसी बंदी की गतिविधि संदिग्ध तो नहीं है।
अचानक ही होगी वापसी
जेल सूत्रों के मुताबिक जम्मू से आए बंदियों को जिस तरह लाया गया, उसी तरह किसी दिन अचानक वापसी हो जाएगी। शुक्रवार की कवायद में भी ज्यादा कागजी कार्रवाई नहीं हुई। एक संक्षिप्त नोट और कॉल के बाद बंदियों को शिफ्ट कर दिया गया। इसके चलते ही अधिकांश अधिकारियों और स्टाफ को कार्रवाई के बारे में जानकारी नहीं थी। जिन अफसरों को जानकारी थी, उन्हें गोपनीय रखने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
हाल में गिरफ्तार हुए लोग हैं बंदी
जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाने से पहले पुलिस और सेना ने बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां की थीं। विभिन्न संगठनों और अलगाववादी गुटों से जुड़े लोगों को पकड़कर जेल में बंद किया गया। इनकी वजह से वहां बवाल होने का खतरा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ऐसे ही बंदियों को आगरा, लखनऊ और बरेली आदि जेलों में शिफ्ट किया गया है। इनमें कोई बड़ा आतंकी या अलगाववादी नहीं है।
- जम्मू कश्मीर से लाए बंदियों को सघन सुरक्षा घेरे में रखा गया है। पुलिस और पीएसी को बाहरी हिस्से में सुरक्षा के लिए लगाया गया है। अंदर जेल के सुरक्षाकर्मी निगरानी कर रहे हैं। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी