बरेली। सेटेलाइट, चौपुला सहित दूसरे फ्लाईओवर और ओवरब्रिज की धीमी रफ्तार पर सेतु निगम के नवागत एमडी पीके कटियार ने यहां विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई है। एमडी की नाराजगी के बाद पुलों के कामों को रफ्तार देने के लिए एक के बजाय अब दो शिफ्टों में कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए स्टाफ को बढ़ाने की प्लानिंग बनाई जा रही है।
सेतु निगम ने इस साल जनवरी में सेटेलाइट चौराहा और चौपुला पर फ्लाईओवर का काम शुरू कराया था लेकिन अधिकारियों की ढिलाई से निर्माण की गति बहुत ही धीमी है। सेटेलाइट चौराहे पर अभी पिलर के फाउंडेशन ही बनाए जा सके हैं। सबसे शुरूआती काम सर्विस लेन तक अब तक नहीं बन सकी है। यही हाल चौपुला पर बन रहे फ्लाईओवर का है। काम शुरू हुए छह माह बीत गए हैं लेकिन अभी तक पिलर का ढांचा तैयार होना शुरू नहीं हुआ है। बीसलपुर रोड पर नकटिया और शाहजहांपुर रोड पर बनने वाले पुल भी नहीं बन पा रहे हैं। आईवीआरआई ओवरब्रिज का काम भी लटका हुआ है। ओवरब्रिज और फ्लाईओवर के कामों की इस स्थिति पर एमडीए ने चीफ इंजीनियर देवेंद्र सिंह से जवाब तलब करते हुए इन कामों को जल्द पूरा कराने के आदेश सख्ती से दिए हैं। इसके बाद सेतु निगम के अधिकारी अब आठ-आठ घंटों की दो शिफ्टों में काम कराने की योजना तैयार कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए कितना स्टाफ लगेगा और इसमें खर्च कैसे समायोजित होगा। इसकी प्लानिंग बनाई जा रही है।
ओवरब्रिज व फ्लाईओवर प्रोजेक्ट की अभी ये है हालत
बरेली-बदायूं मार्ग पर लालफाटक फ्लाईओवर 82.49 करोड़ की लागत से जनवरी 2017 में मंजूर हुआ था। 955.42 मीटर लंबे इस पुल का काम पूरा करने में सबसे बड़ा अड़ंगा कैंट की 6500 वर्गमीटर जमीन के न मिल पाने से लगा है। इसमें रेलवे भी क्रासिंग पर काम शुरू करने में देरी कर रहा है। अभी 60 फीसदी काम बकाया है।
चौपुला चौराहे पर दिल्ली लखनऊ मार्ग पर तीन लेन उपरिगामी सेतु और इसी से जुड़ा बरेली-बदायूं मार्ग एसएच-33 और पुराने बस अड्डे के लिए दो लेन उपरिगामी सेतु का 1108 मीटर लंबा फ्लाईओवर अक्तूबर 2018 में मंजूर हुआ था। शुरूआत में इसके नक्शा तय करने में काफी विलंब हुआ। इसके बाद कार्यदायी संस्था निश्चित नहीं हो पा रही थी। पुल का निर्माण काफी धीमी गति से चल रहा है।
बरेली-शाहजहांपुर मार्ग पर सेटेलाइट चौराहे पर 597 मीटर लंबा फ्लाईओवर 26.78 करोड़ की लागत से अक्तूबर 2018 में मंजूर हुआ था। इसका काम रुक-रुककर हो रहा है। अभी केवल 10 फीसदी ही काम हो सका है।
फ्लाईओवर और ओवरब्रिज के कामों को जल्द पूरा करने के निर्देश एमडी ने दिए हैं। इसके बाद दो शिफ्टों में काम कराए जाने की तैयारी है। अभी इसकी प्लानिंग तैयार हो रह है। -देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना अधिकारी, सेतु निगम