बरेली। एक रजिस्ट्रेशन नंबर पर शहर में दो आटो दौड़ रहे थे। असली मालिक ने फर्जी नंबर डालने वाले चालक और उसके आटो को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। असली मालिक को उनके रजिस्ट्रेशन नंबर पर दूसरा आटो चलने की जानकारी तब हुई जब उनके मोबाइल पर आटो का ई-चालान होने का मैसेज पहुंचा।
कर्मचारी नगर निवासी प्रवीन पाठक के मुताबिक उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले उसी कॉलोनी में रहने वाले प्रदीप से आटो संख्या यूपी 25 सीटी 6979 खरीदा था। आटो अभी प्रदीप के नाम है। प्रवीन के मुताबिक बृहस्पतिवार को उनके मोबाइल पर आटो का ई-चालान होने का मैसेज पहुंचा। उनके पूछने पर उनके आटो चालक ने चालान होने से इनकार किया। तब प्रवीन को प्रदीप के नाम रजिस्ट्रेशन नंबर पर दूसरा आटो चलने का शक हुआ। उनके तलाशने पर शुक्रवार शाम नैनीताल रोड पर उसी रजिस्ट्रेशन नंबर का दूसरा आटो मिल गया। प्रवीन के मुताबिक वह आटो समेत चालक को पकड़कर असरफ खां चौकी ले गए और पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
प्रवीन ने बताया कि दूसरा आटो चालक परतापुर निवासी अतुल सक्सेना है। अतुल ने पुलिस को बताया कि उसने यह आटो 15 दिन पहले मुकेश नाम के व्यक्ति से खरीदा था। उसने आटो के जो कागज दिखाए वो प्रदीप के नाम हैं। आरोप है कि आरटीओ कार्यालय से साठगांठ करके प्रदीप के नाम के रजिस्ट्रेशन की दूसरी प्रति निकलवा ली होगी। प्रवीन के मुताबिक करीब छह महीने पहले यह टेंपो उन्होंने बदायूं रोड पर देखा था, लेकिन उस समय चालक आटो लेकर भागने में कामयाब रहा।