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निगम ने गड्ढों में दफनाए 90 लाख, मगर कहां.. यह बताना मुश्किल

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शासन से बार-बार मांगी जा रही रिपोर्ट, नगर निगम अफसर नहीं भेज रहे जवाब
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गड्ढों से मुक्त नहीं हुई शहर की प्रमुख सड़कें, बाकी कसर जल निगम ने पूरी की
बरेली। शहर की सड़कें कागजों पर गड्ढामुक्त कर 90 लाख रुपये का नगर निगम अफसरों ने वारा न्यारा कर दिया। मगर यह रुपये कौन से गड्ढों में दफन किए, निगम अफसरों को यह बताने में पसीना छूट रहा है। यही वजह है कि बार-बार रिमाइंडर आने के बावजूद गड्ढामुक्त सड़कों की रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी जा रही है। वहीं, अमर उजाला ने नगर निगम के गड्ढामुक्ति के दावों की पड़ताल की तो शहर की हर प्रमुख सड़क गड्ढों से भरी नजर आई।
बरसात के बाद शासन ने सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए थे। इस पर नगर निगम ने शासन से चार करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसमें 90 लाख रुपये मिले थे। नगर निगम ने यह धनराशि सड़कों को कागजों पर गड्ढामुक्त करने में खर्च कर दी। अब शासन से इसका हिसाब मांगा जा रहा है तो निगम अफसरों को पसीना छूट रहा है। नगरीय निकाय निदेशालय ने 16 दिसंबर और 24 दिसंबर 2019 को नगर निगम को दो पत्र भेजकर गड्ढामुक्त सड़कों की रिपोर्ट मांगी थी। मगर शहर की सारी सड़कें गड्ढों से भरी होने के चलते निगम अफसर शासन को रिपोर्ट भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं कि 90 लाख रुपये कौन सी सड़कें गड्ढामुक्त करने पर खर्च किए हैं। इसी बीच शुक्रवार को शासन से रिपोर्ट भेजने के लिए एक और रिमाइंडर नगर निगम पहुंच गया है।
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कुछ प्रमुख सड़कोें की बदतर स्थिति
बरेली कॉलेज से शाहदाना
गांधी उद्यान से डेलापीर जाने वाली सड़क का बरेली कॉलेज से शाहदाना चौराहे तक का हिस्सा गड्ढों में तब्दील हो गया है। पुल के बराबर में गड्ढामुक्ति के नाम पर सिर्फ पत्थर डालकर छोड़ दिए गए हैं। शाहदाना चौराहे से डेलापीर चौराहे के बीच भी जगह-जगह गड्ढे हैं।
राजेंद्रनगर की स्थिति भी बदतर
शहर के पॉश इलाकों में शुमार राजेंद्रनगर की अधिकांश गलियां गड्ढों से भरी पड़ी हैं। शील चौराहे से स्वयंवर बरातघर तक सड़क बदहाल है। एसबीआई रोड, प्रभातनगर गेट के पास भी सड़क की हालत खराब है। डेलापीर तालाब के पीछे की सड़क उधड़ चुकी है।
जल निगम ने भी बर्बाद की सड़कें
शहर में इन दिनों सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। ईसाइयों की पुलिया से श्यामगंज होकर कालीबाड़ी, जंक्शन से चौपुला रोड, अक्षर विहार से मुख्य डाकघर रोड और पुलिस लाइन के सामने सीवर लाइन डालने के लिए खोदकर डाल दिया है। इससे पहले पानी की लाइन डालने के लिए श्यामगंज और कालीबाड़ी की सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं।
नगर निगम ही नहीं, हर नगर निकाय में गोलमाल
सड़कें गड्ढामुक्त करने में नगर निगम ही नहीं जिले के लगभग सभी नगर निकायों में गोलमाल हुआ है। इसी वजह से नगर पालिका बहेड़ी, आंवला, फरीदपुर, नवाबगंज, नगर पंचायत फरीदपुर, देवरनिया, फतेहगंज पश्चिमी, बिशारतगंज, मीरगंज, शीशगढ़, सेंथल, ठिरिया निजावत खां, सिरौली, धौराटांडा, रिठौरा, रिछा, फतेहगंज पूर्वी और शेरगढ़ को भी नोटिस भेजा गया है।
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केंद्रीय मंत्री गिरकर हुए चोटिल, मगर नहीं बनी सड़क
पिछले दिनों केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार मैकेनियर रोड पर सीआई पार्क के सामने गिरकर चोटिल हो गए थे। बीडीए की यह सड़क साल भर से भी ज्यादा समय से जर्जर है। पूर्व वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने बीडीए अफसरों को इसका निर्माण कराने के निर्देश दिए थे लेकिन आज तक यहां के हालात में सुधार नहीं हुआ।
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