दंगा-फसाद का प्रहार- बाजार का घाटा 80 करोड़ के पार
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बरेली। जुमे का दिन बाजार के लिए काफी खराब साबित हुआ। भीड़भाड़ कम रहने की वजह से प्रमुख बाजार खुलने के बावजूद सन्नाटे में डूबे रहे और वहां बमुश्किल तीन-चार घंटे ही काम हुआ। कुछ ही बाजारों में रोज की तरह भीड़ दिखाई दी। प्रमुख कारोबारियों के मुताबिक एक ही दिन के सन्नाटे ने उन्हें 80 करोड़ से ज्यादा की चोट दे दी।
व्यापारी संगठनों ने शुक्रवार को रोज की तरह बाजार खोलने का एलान किया था, शुक्रवार को गैरमुस्लिम इलाकों में सुबह आम दिनों की तरह दुकानें खुली भी लेकिन आशंकाओं से सहमे लोग खरीददारी करने नहीं निकले। सिविल लाइंस बाजार में दुकानें खुले होने के बावजूद सन्नाटे में डूबा रहा। शहर में प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ी तो यह बाजार भी दोपहर दो बजे से पुलिस के कहने पर बंद होने लगा। हालांकि कुतुबखाना, बड़ा बाजार, शिवाजी मार्ग, साहूकारा आदि बाजार में दोपहर तक भीड़भाड़ का माहौल रहा। राजेंद्रनगर, श्यामगंज, सुभाषनगर, कैंट, सीबी गंज, डीडीपुरम, पीलीभीत बाईपास आदि बाजारों में शाम तक रोज की तरह भीड़ रही लेकिन कारोबार ज्यादा नहीं हुआ। शास्त्री बाजार में दवा और कटरा मानराय बाजारों में भी कारोबार सामान्य रहा। शाम को कुछ स्थानों पर दुकानें खुलीं। दिन भर अफरातफरी रहने से 80 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान जताया गया।
नॉनवेज के लिए तरसे लोग
नॉनवेज खिलाने वाले शहर के ज्यादातर रेस्टोरेंट भी दिन भर बंद रहे जबकि शुक्रवार को आम दिनों की अपेक्षा नॉनवेज की डिमांड ज्यादा रहती है। मांग न होने के कारण स्लाटर हाउस से भी मीट की सप्लाई काफी कम हुई। बांस मंडी के मछली बाजार में भी सन्नाटा छाया रहा।