दौड़ते रहे अफसर, ड्रोन कैमरे से रखी नजर
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पीलीभीत। राजधानी लखनऊ, संभल, अलीगढ़ समेत कई जिलों में हुए उपद्रव के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती का असर शुक्रवार को देखने को मिला। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर खुराफात से माहौल बिगाड़ने को लेकर प्रशासन सख्त रहा।
सुबह से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियां फोर्स के साथ भ्रमण करती रहीं। चूने वाली गली, सब्जी मंडी, चूड़ी वाली गली में दुकानें बंद कराने की कोशिश की हरकत के बाद और गंभीरता बरती गई। डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी अभिषेक दीक्षित, सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पुनिया, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी आदि भारी पुलिस बल के साथ हालात पर नजर रखे रहे। मोहल्ला भूरे खां, मुनीर खां, कमल्ले चौराहा, बेलो वाला चौराहा, मदीनाशाह, लाल रोड रंगीलाल चौराहा समेत कई इलाकों में अधिकारी पहुंचे। यहां एनाउंसमेंट किया जाता रहा। लोगों को बताया कि वे किसी अफवाह पर ध्यान न दें। अपना व्यापार करते रहे, कोई दुकान जबरन बंद कराता है तो सूचना दी जाए। इसको लेकर सख्ती से निपटा जाएगा।
यह भी कहा कि अगर उनके मन में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कोई असमंजस की स्थिति हैं, तो शांतिपूर्ण तरीके से अधिकारियों से संपर्क करें। उनकी गलतफहमी को दूर किया जाएगा। इन सभी इलाकों में ड्रोन कैमरा घुमाकर निगरानी रखी गई। दोपहर में जामा मस्जिद की नमाज अदा कराई गई। नमाज पूरी होने तक डीएम-एसपी समेत अन्य पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी खुद मौजूद रहे। गलियों में लोगों को इकट्ठा नहीं होने दिया गया। उनको पुलिस बार-बार खदेड़ती रही। मस्जिद के आसपास की गलियों में भी अधिकारियों ने पैदल गश्त की। सख्ती के चलते सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सका। नमाज के काफी देर तक फोर्स के साथ अधिकारी भ्रमण करते रहे। थाना पुलिस को अपने-अपने क्षेत्र में पैनी निगाह रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।