बरेली। घाटे में चल रही बीडीए की रामगंगानगर आवासीय परियोजना में आवंटियों को आवास देने में नाकाम रहे अफसर इस परियोजना को दौड़ाने के लिए दूसरे उपाय कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को बीडीए बोर्ड की बैठक में रामगंगानगर में सात एकड़ भूमि पर साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस पार्क के साथ यहां रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल भी बनाया जाएगा। कुछ दिन पहले कमिश्नर ने बीडीए अफसरों के साथ बैठक कर यहां विश्वविद्यालय, इंजीनियर कॉलेज, फर्नीचर पार्क खोलने के भी निर्देश दिए थे।
कमिश्नर रणवीर प्रसाद की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में हुई बैठक में रामगंगानगर आवासीय परियोजना पर फोकस रहा। बीडीए वीसी दिव्या मित्तल ने बताया कि साइंस पार्क को साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के सहयोग से तैयार किया जाएगा। इसके लिए बजट स्वीकृत हो गया है। पार्क बीसलपुर और डोहरा रोड को जोड़ने के लिए प्रस्तावित 45 मीटर मुख्य महायोजना रोड पर बनेगा। पार्क जनवरी में बनना शुरू हो जाएगा और इसे 2020 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पार्क में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी गतिविधियां चलेंगी ताकि बच्चों में साइंस के प्रति दिलचस्पी पैदा करने के साथ उनका ज्ञानवर्धक मनोरंजन भी हो सके। बैठक में नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. सहित बीडीए के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
घर-प्लाट खरीदने के लिए अब सिर्फ 10 प्रतिशत ब्याज
बैठक में वीसी दिव्या मित्तल ने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशों के तहत बरेली में भी आवंटियों को लोन की ब्याज दरों में राहत दी गई है। बीडीए से आवास और प्लॉट खरीदने पर अभी आर्थिक तौर से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के लोगों के लिए 10 प्रतिशत, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों (एलआईजी ) के लिए 11 प्रतिशत, मध्यम वर्गीय (एमआईजी) के लिए 12 प्रतिशत और उच्च आय वालों (एमआईजी) के लिए 13 प्रतिशत ब्याज दर निर्धारित थी, अब सभी श्रेणी के आवंटियों के लिए एक समान 10 फीसदी ब्याज दर का निर्धारण कर दिया गया है। डिफाल्टर आवंटियों के लिए पहले से निर्धारित तीन प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज दर यथावत है। बोर्ड की बैठक में एक इंस्टीट्यूट की ओर से गांव पीतमपुर और बिलवा में कुछ खसरा नंबरों में 5.922 हेक्टेयर भूमि के उपयोग को परिवर्तित करने का प्रस्ताव रखा गया जिसे निरस्त कर दिया गया।