फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एस्मा की अनदेखी पर लेखपाल संघ के 14 पदाधिकारी सस्पेंड

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू होने के बावजूद हड़ताल न खत्म करने पर लेखपालों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। बुधवार को प्रशासन ने लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष और जिला मंत्री के साथ सभी छह तहसीलों के अध्यक्ष और मंत्री को सस्पेंड कर दिया। इन लोगों के खिलाफ एफआईआर कराने की तैयारी भी शुरू हो गई है। इसके अलावा हड़ताल पर गए जिले के सभी 427 लेखपालों को 24 घंटे के अंदर काम पर वापस न आने पर निलंबित करने के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन ने शाम को इस कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भी भेज दी है।
विज्ञापन

वेतन, प्रमोशन सहित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल 10 दिसंबर से कामकाज ठप करके हड़ताल पर थे। इससे तहसील कोर्ट के साथ राजस्व संबंधी अन्य कामकाज भी प्रभावित हो रहे थे। शासन ने 13 दिसंबर को एस्मा लागू कर दिया था। इसके बावजूद लेखपालों ने हड़ताल समाप्त नहीं की थी। दो दिन पहले शासन ने हड़ताल पर गए लेखपालों की रिपोर्ट मांगी थी। बुधवार को संबंधित तहसीलों के एसडीएम ने लेखपाल संघ के पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इसमें सदर तहसील में जिलाध्यक्ष संजीव सिंह और जिला महामंत्री भूषित सक्सेना, सदर तहसील अध्यक्ष लाल बहादुर गंगवार व मंत्री नारायण दास मिश्र, आंवला तहसील अध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह व मंत्री विशाल मोहन, मीरगंज के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह व पुष्पेंद्र सिंह, बहेड़ी में संयोजक प्रमोद उपाध्यक्ष व रामेश्वर दयाल, नवाबगंज के अध्यक्ष मोहम्मद नासिर हुसैन व मंत्री राजेश कुमार, फरीदपुर के अध्यक्ष रामऔतार सिंह यादव व मंत्री नरेश रस्तोगी को निलंबित कर दिया गया है।

‘एस्मा लागू होने के बाद छह महीने तक हड़ताल नहीं की जा सकती। इसके बावजूद लेखपालों ने हड़ताल खत्म नहीं की। शासन के आदेश के बाद लेखपाल संघ के 14 पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इन सभी पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। बाकी सभी लेखपालों को नोटिस दिया गया है। काम पर न लौटने पर उन्हें भी सस्पेंड किया जाएगा।
विज्ञापन

- वीके सिंह, एडीएम प्रशासन

‘लेखपाल पहले भी अपनी कई मांगों को शासन तक पहुंचा चुके हैं। हड़ताल कर रहे लेखपालों पर कार्रवाई के बजाय उनकी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को विचार करना चाहिए।’
विज्ञापन

- संजीव सिंह, अध्यक्ष लेखपाल संघ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें