हाईटेंशन लाइन के नीचे खंभाें पर केबिल नेटवर्किंग वायर लगाकर कंपनियां कर रहीं शहरवासियाें की जान से खिलवाड़, जेई संगठन ने जताया एतराज
बरेली। पॉवर कॉरपोरेशन की अनुमति के बगैर ही शहर भर में हाईटेंशन लाइन के खंभों पर शटडाउन लिए बिना टेलिविजन नेटवर्क के लिए केबल खींची जा रही है। विद्युत सुरक्षा विभाग के अफसर तो इसे बेहद खतरनाक बताते हुए बड़े हादसे की आशंका जता रहे हैं लेकिन पॉवर कॉरपोरेशन के अफसर फिलहाल इससे बेखबर बने हुए हैं। पॉवर कॉरपोरेशन के जेई संगठन ने भी हाईटेंशन लाइन के खंभों को टेलिविजन नेटवर्क के लिए इस्तेमाल किए जाने का विरोध शुरू कर दिया है।
शहर में कई दिनों से हाईटेंशन लाइन के खंभों पर सुरक्षा नियमों और कायदों को ताक पर रखकर टेलिविजन नेटवर्क का केबल और उपकरण लगाने का काम किया जा रहा है। विभाग के तकनीकी जानकारों का कहना है कि अगर कभी भी एचटी लाइन टूटकर टीवी केबल नेटवर्क पर गिरी तो इसका करंट घरों तक पहुंचना तय है। ऐसे में कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके साथ ब्रेकडाउन लाइन में भी जियो केबिल के जरिये करंट दौड़ा सकता है, इसकी वजह से किसी की जान भी जा सकती है। पहले भी कभी जनरेटर तो कभी इन्वर्टर का करंट बैक होने से हुए हादसों में जानें जा चुकी हैं। पॉवर कॉरपोरेशन के खिलाफ कई मामले भी मुआवजे के लिए विभिन्न स्तर पर अदालतों में लंबित हैं। जेई संगठन का कहना है कि विभाग के अफसर अपनी जेबें गरम करने के चक्कर में भारी खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं और हाईटेंशन लाइन के नीचे खंभाें पर टेलिविजन का केबल खिंचवा रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
सब गोलमाल
सूत्रों के मुताबिक जियो डिजिटल फाइबर प्राइवेट लिमिटेड ने भ्रामक तथ्यों के आधार पर पॉवर कारपोरेशन से कोई गोपनीय अनुबंधन भी किया है। विभागीय अधिकारी इसकी जानकारी देने को भी तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि डीएचएफएल ईपीएफ घोटाले से जुड़े अफसरों ने जियो नेटवर्क बिजली खंभों पर बिछाने की अनुमति दी थी जबकि तकनीकी सिस्टम से जुड़े अफसरों इस पर यह कहकर एतराज भी किया था कि हाईटेंशन लाइनों पर कोई केबल नेटवर्क नहीं होना चाहिए। बताया जाता है कि जियो कंपनी ने जोन और जिलों में इसकी औपचारिक अनुमति लेने की अनिवार्यता को भी नजरअंदाज कर दिया।
बिजली के खंभों को सुरक्षा नियमों के विपरीत मनमाने तरीके से जियो केबल नेटवर्क के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस संबंध में क्या अनुबंध हुआ है, इसकी किसी को कोई जानकारी तक नहीं है। खंभों पर कर्मचारी काम करते हैं, समानांतर नेटवर्क की वजह से हादसे होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। पहले तमाम हादसे हो भी चुके हैं। - देवेेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष, जेई संगठन
हाईटेंशन लाइनों पर समानांतर केबल नेटवर्क बिछाना जनसुरक्षा नियमोें के विरुद्ध है। बिजली खंभाें पर केबल नेटवर्किंग से पहले विद्युत सुरक्षा निदेशालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाना चाहिए था।
- एके चौधरी, सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा