फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रशासन की बैठक का दरगाहों ने किया बहिष्कार

विज्ञापन
विज्ञापन

नहीं पहुंचा किसी भी दरगाह और खानकाह का कोई नुमाइंदा
विज्ञापन

डीएम-एसएसपी बोले, कानून का पालन सुनिश्चित किया जाएगा

बरेली। हाल ही में नागरिकता संशोधन कानून आने के बाद कई जिलों में माहौल खराब हुआ है। इन हालत को देखते हुए मंगलवार को प्रशासन ने कलक्ट्रेट सभागार में पीस कमेटी की बैठक बुलाई थी। इसमें सभी छोटी बड़ी खानकाहों और दरगाहों के नुमाइंदों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन बैठक में किसी भी दरगाह या खानकाह से कोई नुमाइंदा नहीं पहुंचा। हालांकि बैठक न पहुंचने के पीछे सभी के अपने अपने तर्क हैं, लेकिन फिलहाल इसे बैठक का बहिष्कार माना जा रहा है। कुछ मुस्लिम संगठनों के लोग जरूर बैठक में पहुंचे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी नितीश कुमार ने कहा कि प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी नागरिक के खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि धारा 144 का पालन स्वयं सभी नागरिकों को करना चाहिए। साथ ही उम्मीद जताई कि शहर के लोग शांति व्यवस्था बनाए रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक में पहुंचे कुछ संगठनों के लोगों को जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि उसके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं होंगे। लेकिन कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हर संभव एहतियाती कदम उठाए जाएंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने कहा कि अब तक पुलिस ने जहां भी कार्रवाई की है, नितांत जरूरी थी। पुलिस जनता से भी सहयोग की अपेक्षा रखती है। उन्होंने नुमाइंदों से विशेष रूप से मदरसों और शैक्षिक संस्थाओं पर नियंत्रण रखने की अपील की। क्योंकि युवा वर्ग को आसानी से आक्रोशित कर कुछ असामाजिक तत्व अपना स्वार्थ सिद्ध कर लेते हैं। बैठक में तंजीम उलमा इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुददीन रजवी, मोहम्मद बिलाल कुरैशी, मोहम्मद जुल्फिकार, जमीयत उलमा के जिलाध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी, जमीयत उलेमा के शहर अध्यक्ष मौलाना अरशद मजहरी, जमीयते उलमा हिंद के जिला महासचिव अबू जफर नोमानी अलकासमी, मौलाना यूनुस कासिमी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें