3.40 करोड़ से बनी नई बिल्डिंग के निर्माण में मिलीं गंभीर गड़बड़ियां
बरेली। निर्माण के कामों में किस हद तक लूट मची है, सरकारी इमारतें ही एक के बाद एक इसकी मिसाल बनती जा रही हैं। नया उदाहरण सदर तहसील की 3.4 करोड़ से बनी नई बिल्डिंग है जिसे 145 साल पुरानी बिल्डिंग से भी खराब हालत में पाया गया है। अफसरों ने प्लानिंग की थी कि पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर नई बिल्डिंग का एक्सटेंशन करा दिया जाए लेकिन नई बिल्डिंग के हैंडओवर होने से पहले ही टूटना शुरू होने जाने के बाद एसडीएम ने यह प्लानिंग रद्द कर दी है।
शासन ने 2014-15 में तहसील सदर के पुराने भवन को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने के लिए 3.40 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। निर्माणदायी संस्था पैक्सफेड ने काफी हद तक काम भी पूरा कर लिया है। नई बिल्डिंग को अभी पैक्सफेड ने हैंडओवर नहीं किया है लेकिन वहां तहसीलदार, एसडीएम के दफ्तर और न्यायालय शिफ्ट करने के साथ दूसरे कार्यालय भी स्थापित कर दिए गए हैं। अभी पुरानी बिल्डिंग का कुछ हिस्सा बाकी है। पहले वहां दो करोड़ से पार्किंग, कैंटीन, हवालात और बैरक बनाया जाना स्वीकृत था, लेकिन दिक्कत यह आ गई है कि नई बिल्डिंग की क्वालिटी अच्छी न होने से वह अभी से क्षतिग्रस्त होने लगी है। एसडीएम सदर ने भी माना है कि 145 साल पुरानी बिल्डिंग की क्वालिटी नई से कहीं बेहतर है। लिहाजा उसे तोड़ने पर रोक लगाते हुए उसकी मरम्मत कराने का फैसला लिया गया है।
नई बिल्डिंग के लिए दूसरी जगह दी जाएगी जमीन
पैक्सफेड ने 1.70 करोड़ के अतिरिक्त बजट की मांग करते हुए इस प्रोजेक्ट का रिवाइज एस्टीमेट शासन को भेजा है। तहसील के अधिकारियों का कहना है कि पुरानी बिल्डिंग से छेड़छाड़ किए बगैर संशोधित बजट से नई बिल्डिंग बनाने के लिए तहसील परिसर में दूसरी जगह भूमि दी जाएगी। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए उस पर खास नजर रखी जाएगी।
बहेेड़ी तहसील भवन के निर्माण में भी सामने आया घपला
बहेड़ी तहसील भवन के निर्माण में भी गंभीर गड़बड़ी सामने आ चुकी है। 20 नवंबर को जिले के नोडल अफसर प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने निरीक्षण के दौरान करोड़ों की लागत से बने बहेड़ी तहसील भवन के निर्माण में घपला पकड़ा था। उनके निर्देश पर डीएम नितीश कुमार इस प्रकरण की जांच करा रहे हैं।
सदर तहसील की पुरानी बिल्डिंग की स्थिति अभी बहुत अच्छी है, इसलिए इसे तोड़ा नहीं जाएगा। नई बिल्डिंग के लिए तहसील परिसर में ही दूसरी जगह भूमि देने का फैसला लिया है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर