18 किलोमीटर लंबा बाईपास बनेगा, सरकार से मिली हरी झंडी
बरेली। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे से आने वाले लोगों को नैनीताल जाने के लिए बरेली शहर में नहीं आना होगा। करीब 18 किलोमीटर लंबा दो लेन बाईपास बनाने पर सरकार ने सहमति दे दी है। लोक निर्माण विभाग प्रोजेक्ट तैयार करने में जुट गया है।
अभी तक रामपुर दिशा से आने वाला ट्रैफिक नैनीताल जाने के लिए बरेली शहर के भीतर से होकर गुजरता है, इसमें ज्यादा समय लगने के साथ ही लंबा सफर भी करना पड़ता है, लेकिन अब जल्द ही नया बाईपास तैयार होगा। यह दिल्ली हाईवे पर अगरास गांव से शुरू होकर अभयपुर गांव के पास नैनीताल मार्ग से जुड़ेगा। इसकी लंबाई करीब 18 किलोमीटर होगी। वर्तमान में जीरो प्वाइंट से बड़ा बाईपास अथवा बरेली शहर की ओर से होते हुए नैनीताल मार्ग पर जाना होता है, लेकिन अब फतेहगंज पश्चिमी के पास अगरास गांव से होते हुए बाईपास नैनीताल मार्ग को जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव पिछले दिनों विधानसभा बजट सत्र के दौरान मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने दिया था। इसे सरकार ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। बताया जाता है कि यह प्रोजेक्ट लोक निर्माण विभाग तैयार करेगा। इसके लिए दिशा निर्देश भी शासन से जारी हो गए हैं। अगले वित्तीय वर्ष के अप्रैल माह में विभाग इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेगा। हालांकि विभाग में अभी से गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
पांच किलोमीटर सड़क की बाधा भी हो जाएगी दूर
अगरास से अभयराजपुर तक प्रस्तावित करीब 18 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाने में करीब पांच किलोमीटर सड़क (पैच) बाधा बन रही थी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह पांच किलोमीटर पैच प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के तहत बनाई गई है, इसकी गारंटी पांच साल होती है। प्रस्तावित बाईपास एक साल से प्रस्तावित है लेकिन यह पांच किलोमीटर का पैच इसमें बाधा बन रहा था, क्योंकि प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के हिस्से में किसी अन्य योजना में सड़क नहीं बन सकती है। अधिकारियों ने बताया कि पांच किलोमीटर पैच की अवधि इसी माह मार्च में पूरी हो रही है, इसलिए सप्ताह भर में यह बाधा भी दूर हो जाएगी और प्रस्तावित बाईपास प्रोजेक्ट बनाने में कोई समस्या नहीं आएगी। बीच में कुछ जमीन का अधिग्रहण भी होना है कुछ पेड़ और बिजली के खंभे भी हटाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा। इसके साथ ही इस पर आने वाले खर्च का भी ब्यौरा तलब किया जाएगा। यह प्रक्रिया अगले माह अप्रैल से शुरू करने की तैयारी है।
35 करोड़ की लागत से तैयार होगा बाईपास
करीब 18 किलोमीटर प्रस्तावित बाईपास पर 35 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। यह बजट बढ़ भी सकता है, क्योंकि दो लेन प्रस्तावित बाईपास में कुछ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी, इसके लिए अधिग्रहण होगा। कितनी भूमि अधिग्रहण और उसका सर्किल रेट क्या रहेगा, इसकी जानकारी अभी नहीं है। इसलिए संभावना है कि इसकी लागत 40 करोड़ रुपये तक हो सकती है। शासन से निर्देश मिल गए हैं। अगले महीने प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।