बरेली। शासन की ओर से नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत शहर के लिए 61 करोड़ रुपये की किस्त जारी की गई है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और टूटी व धूल उड़ाने वाली सड़कों का कायाकल्प करना है। अब सड़क निर्माण को सीधे एयर पॉल्यूशन कंट्रोल मिशन से जोड़ दिया गया है, जिससे बनने वाली सड़कें न सिर्फ सफर को आसान बनाएंगी, बल्कि उड़ती धूल पर लगाम लगाकर हवा को भी साफ रखेंगी।
सरकार और नगर निगम का पूरा फोकस इस समय शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स को सुधारने पर है। नगर निगम प्रशासन अब उन प्रमुख मार्गों की सूची तैयार करने में जुट गया है, जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक रहता है और धूल की समस्या सबसे गंभीर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त निर्देश दिए हैं कि बरेली को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। योजना के तहत केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं होगा, बल्कि पर्यावरण सुधार के लिए चौतरफा काम किए जाएंगे। इसके तहत सड़क के किनारों पर पौधरोपण किया जाएगा और पर्यावरण को अनुकूल बनाने के लिए ग्रीन बेल्ट (हरित पट्टी) विकसित की जाएगी। इसके अलावा, धूल पर नियंत्रण पाने के लिए आधुनिक डस्ट कंट्रोल उपायों और मैकेनिकल सफाई का सहारा लिया जाएगा। प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से ध्यान केंद्रित कर शहरी सुंदरीकरण के कार्य किए जाएंगे ताकि वातावरण में तैरते धूल के बारीक कणों को कम किया जा सके। नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने बताया कि बजट मिलने के बाद काम की सूची बनाई जा रही है। जल्द ही टेंडर प्रकिया पूरी कर काम शुरू होगा।