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चर्च के पादरियों ने दिया क्रिसमस का संदेश

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प्रभु यीशु की आराधना करते कैथोलिक बिशप। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। ईसाई समाज का सबसे बड़ा पर्व क्रिसमस शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसकी शुरूआत मध्य रात्रि से हो चुकी है। इस अवसर पर चर्च के पादरियों ने शहरवासियों को क्रिसमस की बधाई दी है। अपने संदेश में उन्होंने लोगाें से कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।
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महागिरजाघर सेंट अल्फॉन्सेस चर्च के पादरी हैरी डी. कूना ने कहा कि क्रिसमस ईश्वर प्रदत्त अवसर है। इस दौरान हम कोरोना जैसी महामारी से पीड़ित समाज के लोगों के प्रति एकात्मकता दिखाएं। हम न सिर्फ दिखावे के धार्मिक बनें अपितु अपने भले कर्मों से दिखाएं कि हम वास्तव में भाई-बहनों की तरह एक-दूसरे के साथ संवेदनशील व्यवहार कर सकते हैं। हम अपने बीच की नफरत, जातिवाद, ऊंच-नीच का भेदभाव, अमीर गरीब के बीच अनदेखी और बेरुखी की दीवारों को तोड़ डालें।
सीएनआई चर्च के प्रमुख पुरोहित पादरी अमन अभिषेक प्रसाद ने अपने संदेश में कहा कि क्रिसमस पर्व समस्त मानव जाति के लिए एक विशेष पर्व है। जो परमपिता परमेश्वर की ओर से सभी के लिए प्रेम, शांति और एकता का पैगाम लेकर आता है। इस दिन परमपिता परमेश्वर ने मानव जाति के उद्धार के लिए अपने इकलौते बेटे को संसार में मानवीय रूप लेकर भेजा, ताकि वह मानव जाति को प्रेम, शांति, एकता, सेवा और भाईचारा का संदेश दे और उनके लिए परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करने का मार्ग तैयार करे।
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क्राइस्ट मैथोडिस्ट चर्च के पादरी सुनील के. मसीह ने क्रिसमस संदेश में कहा कि प्रभु यीशु मानव जाति के लिए शांति का संदेश लेकर जगत का उद्धार करने के लिए भेजे गए। इसलिए हमें प्रभु यीशु संदेश का अनुसरण करते हुए एक दूसरे की सेवा भाव से मदद करना चाहिए। दूसरे के सुख दुख में काम आना चाहिए। प्रेम और आहिंसा के रास्ते पर चलकर दुनिया में भाई चारे का समाज बनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से कोरोनो के मद्देनजर कोविड गाइडलाइन का पालन करने की भी अपील की।
इंटरडिपेंडेंट मैथोडिस्ट चर्च के वरिष्ठ पादरी डॉ. विलियम सैमुअल ने कहा कि क्रिसमस संपूर्ण विश्व के लिए आशीष और कृपा का पर्व है, जो पूरे विश्व में उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह उपहारों का पर्व भी कहलाता है, क्योंकि बाइबिल बताती है कि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम किया कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया। प्रभु यीशु मसीह उपहार के रूप में जगत में आए और जगत का उद्धार किया। साथ ही जाति, ऊंच नीच और असमानता से ऊपर उठकर जीने की राह दिखाई।
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