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जेल में ही भैयादूज मनाएगी फिरौती मामले में आरोपी छात्रा

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शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से फिरौती मांगे जाने के मामले में आरोपी व दुष्कर्म पीड़ित छात्रा को इस बार भैयादूज जेल में मनानी पड़ेगी। वहीं परिजन छह नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी पर होने वाली बहस पर जमानत की उम्मीद लगाए हैं।
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एसएस लॉ कॉलेज की एलएलएम की छात्रा का चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप है। वहीं चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले में छात्रा को एसआईटी ने अपनी जांच में दोषी पाया है। छात्रा 25 सितंबर से जिला कारागार में निरुद्ध हैं। दिवाली से पहले छात्रा को जमानत पर बाहर कराए जाने को लेकर पिता ने वकील के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसे चिन्मयानंद के वकील और एसआईटी की दलील के बाद खारिज कर दिया गया था। इसके बाद छात्रा के वकील की ओर से 14 अक्तूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। जिस पर बहस की तारीख छह नवंबर तय है। लिहाजा छात्रा को भैयादूज जेल में रहकर मनानी पड़ेगी। वहीं छात्रा के परिवार के लोग मायूस हैं कि पहली बार ऐसा होगा कि उनकी बेटी भैयादूज के त्योहार पर घर में मौजूद नहीं होगी। छात्रा के भाई और परिवार के लोग यही दुआ कर रहे हैं कि छह नवंबर को छात्रा की जमानत मंजूर हो जाए। छात्रा से भाई की मिलाई पर जेलर राजेश कुमार राय का कहना है कि भैयादूज पर महिलाओं के लिए बंदियों से मिलने का समय निर्धारित किया गया है। जिन परिवार की महिलाएं बंद हैं, उनके भाइयों को मिलने के लिए एक बैच बना दिया गया है। उन्हें भी भैयादूज पर उनकी बहनों से बैच के माध्यम से मिलवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जेल में सोमवार को 52 महिलाएं बंद हैं।
अब 30 अक्तूबर को शपथ पत्र के साथ हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करेगी एसआईटी
शाहजहांपुर। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी 28 की जगह अब 30 अक्तूबर को शपथ पत्र के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट को छात्रा से दुष्कर्म मामले की रिपोर्ट देगी। ऐेसा भैयादूज पर कोर्ट की छुट्टी की वजह से है।
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दरअसल एसआईटी ने 22 अक्तूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट को चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की प्रगति रिपोर्ट सौंपी थी। तब छात्रा के वकील ने प्रार्थना पत्र में हाईकोर्ट में कहा था कि छात्रा ने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए दिल्ली के लोधी कॉलोनी में जो तहरीर दी थी। उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर एसआईटी ने हाईकोर्ट को बताया था कि छात्रा के पिता ने 27 सिंतबर को चिन्मयानंद के खिलाफ जो रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें भी दुष्कर्म की बात लिखी है। इसके अलावा छात्रा के प्रार्थना पत्र को भी जांच में शामिल किया गया है। प्रगति रिपोर्ट सौंपे जाने के साथ ही इस मौखिक बात पर हाईकोर्ट ने एसआईटी से शपथ पत्र के साथ 28 अक्तूबर को कोर्ट में पेश होने को कहा था। इसी बीच दिवाली और भैयादूज की छुट्टियां पड़ गईं। 30 अक्तूबर को कोर्ट खुलने के बाद एसआईटी शपथ पत्र के साथ हाईकोर्ट में पेश हो सकती है।
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