बरेली। लुभावने विज्ञापन से तमाम कंपनियां डुप्लीकेट बीज बेचकर किसानों को बर्बाद कर रही हैं। अफसरों और दुकानदारों से सेटिंग करके कंपनियां यह खेल कर रही हैं। यही वजह है कि जिन किसानों को इन बीजों का इस्तेमाल करके नुकसान झेलना पड़ रहा है, उनकी सुनवाई भी नहीं हो रही है।
तमाम कंपनियों के ब्रांडेड बीज की मिलती जुलती डुप्लीकेट पैकिंग करके घटिया बीज की बिक्री हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर कंपनियां जो बीज तैयार करती हैं, उनकी ग्रेडिंग के साथ उनका शोधन किया जाता है। ताकि किसानों को बेहतर पैदावार दी जा सके। जबकि इन कंपनियों के ब्रांड की आड़ में इन दिनों तमाम फर्जी कंपनियां सरकारी सिस्टम के साथ मिलकर गोलमाल कर रही है। ये कंपनियां बेहतर बीज बताकर प्रचार प्रसार के लिए विज्ञापनों पर खूब पैसा खर्च कर रही है। किसानों को अन्य बीजों के मुकाबले प्रति हेक्टेयर डेढ़ से दो गुना तक पैदावार होने की गारंटी देते हुए डुप्लीकेट पैकिंग की बिक्री की जाती है। इसे दुकानदार भी बेचने में इसलिए दिलचस्पी लेते हैं क्योंकि उन्हें मोटा कमीशन मिलता है। इस गठजोड़ की बदौलत किसानों की शिकायतों के बावजूद अधिकारी कोई एक्शन नहीं लेते। हाल में बहेड़ी, नवाबगंज सहित कई क्षेत्रों में बीज इस्तेमाल किसानों की फसलें बर्बाद होने के मामले सामने आ चुके हैं।
ऐसा वैरायटी तैयार की कि बार-बार खरीदना पड़े बीज
प्रगतिशील किसान अनिल साहनी ने बताया कि जो फसल तैयार होती हैं, उसी से उसका बीज भी तैयार हो जाता है। लेकिन कुछ कंपनियां ऐसे बीजों की बिक्री कर रही हैं, जिनकी फसलों से बीज तैयार ही नहीं हो सकता है। कंपनियों के इस खेल का मकसद भी यही है। ताकि किसानों को हर फसल के लिए बार-बार बीज खरीदना पड़े और कंपनियों की मोटी कमाई हो सके।