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चिन्मयानंद प्रकरण: एसआईटी के हाथ नहीं आ रहा चश्मा और मोबाइल

Mon, 07 Oct 2019 06:40 AM IST
बरेली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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चिन्मयानंद शाहजहांपुर जेल पहुंचाए गए - फोटो : अमर उजाला
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स्वामी चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में अहम साक्ष्य के तौर पर एसआईटी को उस चश्मे की तलाश है, जिसमें लगे कैमरे से वीडियो बनाया गया। इसके साथ ही छात्रा और संजय का मोबाइल भी ढूंढा जा रहा है। उसमें भी पुख्ता सबूत हैं। अन्य साक्ष्यों के आधार पर भले ही एसआईटी अपनी जांच पूरी कर दे, लेकिन कानून के जानकारों के मुताबिक चश्मा और मोबाइल बरामद न होने से केस कमजोर रहेगा।

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पूर्व केंद्रीय गृृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाते हुए छात्रा ने 24 अगस्त को फेसबुक पर वीडियो वायरल करने के दौरान कहा था कि उसके पास चिन्मयानंद के खिलाफ साक्ष्य मौजूद हैं। 25 अगस्त को छात्रा लापता हुई तो पिता ने चौक कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उसकी बेटी का एसएस लॉ कॉलेज के प्रबंधक चिन्मयानंद व अन्य लोगों ने अपहरण कर लिया है। वायरल वीडियो में वह चिन्मयानंद पर दुष्कर्म और शारीरिक शोषण का आरोप लगा रही है।

लिहाजा उनकी रिपोर्ट दर्ज कर कॉलेज के हॉस्टल का वह कमरा सील कर दिया जाए, जिसमें बेटी ने अपने सबूत रखे होने की बात कही है। पुलिस ने दो दिन बाद 27 अगस्त की रात में मामले की रिपोर्ट अपहरण और धमकी देने की धारा में दर्ज की। इसके दो दिन बाद हॉस्टल के कमरे को सील किया गया। छात्रा को उसके दोस्त संजय के साथ 30 अगस्त को राजस्थान के दौसा में खोज निकालने के बाद कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया।
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एसआईटी ने जब एसएस लॉ कॉलेज पहुंचकर हॉस्टल के सील कमरे को खोला तो उसमें कैमरे वाला चश्मा और पेन ड्राइव-चिप गायब मिली। रिपोर्ट दर्ज होने और हॉस्टल के कमरे को सील किए जाने के अंतराल का हवाला देते हुए छात्रा और उसके पिता ने कॉलेज प्रबंधन पर साक्ष्यों को गायब करने का आरोप लगाया। वहीं छात्रा और संजय (चिन्मयानंद से फिरौती मामले का आरोपी और छात्रा का दोस्त) का मोबाइल भी एसआईटी बरामद नहीं कर पाई है, जो अहम साक्ष्य है। कानून के जानकारों का कहना है कि भले ही एसआईटी जुटाए गए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर दोनों पक्षों को दोषी पाते हुए रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दे, लेकिन इलेक्ट्रानिक साक्ष्य के अभाव में केस कमजोर रहेगा।

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