शाहजहांपुर। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह के नेतृत्व में सपा का महिला प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जेल में बंद दुष्कर्म पीड़ित छात्रा से मिलने पहुंचा तो जेल प्रशासन ने मिलने से रोक दिया। इससे गुस्साए प्रतिनिधि मंडल ने जेल गेट पर धरना दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चिन्मयानंद को बचाने की कोशिश में छात्रा को एक षड्यंत्र के तहत फिरौती के मामले में जेल भेजा। सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। लगभग डेढ़ घंटे विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी छात्रा के घर गए।
स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण में भाकपा नेता वृंदा करात और अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष सुभाषिनी अली के दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के समर्थन में आने के बाद सपा भी सरकार की घेरेबंदी में लग गई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर महिला प्रतिनिधि मंडल शाहजहांपुर छात्रा से मिलने पहुंचा। स्थानीय सपा नेताओं और महिला सदस्यों के साथ ऋचा सिंह सुबह करीब 10 बजे जेल गेट पर पहुंचीं। जेल में बंद दुष्कर्म पीड़ित छात्रा से मुलाकात को पर्ची अंदर भेजी गई, लेकिन अंदर से आदेश आया कि छात्रा से कोई नहीं मिल सकता। ऋचा, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, पूर्व विधायक राजेश यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदीप पांडेय, पंकज सराफ ने आपत्ति दर्ज की। उन्होंने कहा कि छात्रा से केवल छह महिलाओं का प्रतिनिधि मंडल ही मिलेगा। लेकिन इसके बाद भी छात्रा से मुलाकात की इजाजत नहीं दी।
सपाइयों ने जेल गेट पर हंगामा शुरू किया तो जेलर राजेश कुमार राय जेल से बाहर आए और उन्हें बताया कि ऊपर से आदेश हैं कि छात्रा से कोई नहीं मिल सकता, इस पर सपाइयों ने आदेश की प्रति दिखाने को कहा तो जेलर आदेश की प्रति नहीं दिखा पाए। उन्होंने जब दो टूक मना कर दिया कि छात्रा से किसी की मुलाकात नहीं होगी तो सपाई धरने पर बैठ गए। लगभग डेढ़ घंटे तक जेल प्रशासन और प्रदेश सरकार कोसने के बाद सपा का प्रतिनिधि मंडल स्थानीय सपा नेताओं के साथ पीड़ित छात्रा के घर उसके परिजनों से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने छात्रा के पिता और मां व भाई से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि सपा न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ है।
बता दें कि एसएस लॉ कॉलेज की एलएलएम की छात्रा ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है, एसआईटी की जांच में स्वामी के खिलाफ धारा 376 के तहत कार्रवाई न करते हुए उनके खिलाफ हल्की धारा 376 सी के तहत कार्रवाई की और छात्रा को स्वामी से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले में आरोपी बनाते हुए जेल भेज दिया गया।