प्रयागराज। चिन्मयानंद-छात्रा प्रकरण में प्रदेश सरकार के वकील ने सोमवार को हाईकोर्ट से मांग की कि मामले की सुनवाई चैंबर में की जाए, क्योंकि पीड़िता की पहचान और जांच की बहुत सी गोपनीय बातों को सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। चिन्मयानन्द के वकील दिलीप कुमार ने इस पर आपत्ति की। उन्होंने कहा कि एसआईटी तो प्रेस कांफ्रेंस करके जानकारी दे रही है। इस मामले में गोपनीयता की जरूरत नहीं है।
कोर्ट ने चैंबर में सुनवाई की मांग नहीं मानी। अदालत को जानकारी दी गई कि पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। उसे एक महिला आरक्षी और एक गनर तथा परिवार को तीन गनर दिए गए हैं। सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके परिवार के लोग भी अदालत में मौजूद थे। जैसे ही कोर्ट ने उसकी अर्जी नामंजूर की, सभी लोग अदालत से बाहर चले गए।
एसआईटी ने कोर्ट को बताया-आरोपी चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया जा चुका है
प्रयागराज। एसआईटी के आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि आरोपी चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया जा चुका है। चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोपी पीड़िता के साथी संजय और अन्य अभियुक्तों की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। संजय ने चिन्मयानंद के मोबाइल पर व्हाट्सएप मेसेज दिया था, जिसका स्क्रीन शॉट उन्होंने अपने वकील को भेजा। वकील की शिकायत पर पीड़िता और उसके साथियों पर रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया है।