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चिन्मयानंद से छिन सकता है मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता का पद

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शाहजहांपुर। अपने ही कॉलेज की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजे गए पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद अब मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता पद से हटाए जा सकते हैं। संत समाज से बाहर किए जाने के बाद ये अटकलें तेज हो गईं हैं।
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चिन्मयानंद ने एसआईटी की जांच के दौरान तेल मालिश वाले वीडियो में खुद को बताते हुए अपने किए पर शर्मिंदा होने की बात कही थी। इसके बाद से ही उनके प्रति संत समाज में सहानुभूति का असर कम हो गया और प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने उनके इस कृत्य को संत समाज को अपमानित करने वाला अक्षम्य बताते हुए उन्हें संत समाज से बहिष्कृत करने की घोषणा की हालांकि आखिरी मुहर हरिद्वार में बैठक में लगेगी लेकिन उनकी इस घोषणा से जाहिर हो गया है कि अब स्वामी चिन्मयानंद को मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता पद से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
चिन्मयानंद को वर्ष 1989 में निश्चलानंद के बाद मुमुक्षु आश्रम का अधिष्ठाता बनाया गया था। 21 एकड़ में फैले मुमुक्षु आश्रम में एसएस कॉलेज, एसएस लॉ, स्वामी धर्मानंद सरस्वती इंटर कॉलेज, श्रीशंकर मुमुक्षु विद्या पीठ (एसएसएमबी), श्रीब्राह्मचर्य संस्कृत महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन सभी शिक्षण संस्थाओं में करीब दस हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
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