दिवाली के पांच दिन के अवकाश के बाद सोमवार को यूपी, सीबीएसई और आईसीएसई के अधिकांश स्कूल नए समय पर खुलेंगे। बच्चों को छुट्टियों की खुमारी से निकालकर पढ़ाई के मूड मेें लाने के लिए अभिभावकों को मशक्कत करनी पड़ी। कई अभिभावकों ने बताया कि शनिवार से ही वे बच्चों को समय पर उठाने की कोशिश करने लगे ताकि सोमवार को बच्चा स्कूल जाने के लिए परेशान न करे। दूसरी ओर, स्कूलों ने भी बच्चों को स्टडी मोड में लाने के लिए खास प्लानिंग की है।
विद्या भवन पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य अनुरोध चित्रा ने बताया कि बच्चों को धीरे-धीरे पढ़ाई के माहौल में लेकर आएंगे, इसके लिए नर्सरी कक्षाओं में पहले दिन हम स्पोर्ट्स एक्टिविटी कराते हैं, ताकि बच्चे का स्कूल में मन लगे। सीबीएसई और यूपी बोर्ड के ज्यादातर स्कूलों में मंडे टेस्ट होते हैं, जिन्हें इस सोमवार नहीं कराया जाएगा, ताकि बच्चों पर मानसिक दबाव न बने। इस्लामियां गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या चमन जहां ने बताया कि बच्चों को राहत देने के लिए इस सोमवार टेस्ट नहीं लिया जाएगा। वह बताती हैं कि बच्चों को छुट्टी के बाद पढ़ाई के माहौल में एडजस्ट होने में एक-दो दिन का समय लगता है।
छुट्टियों के बाद अब बच्चों पर बढ़ जाएगा पढ़ाई का दबाव
यूपी बोर्ड के स्कूलों में दिवाली अवकाश के बाद अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का दौर शुरू हो जाता है। ज्यादातर स्कूलों में 25 अक्तूबर के बाद से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इस समय तक 60 फीसदी सिलेबस पूरा कराना होता है, इसलिए शिक्षकों पर समय से सिलेबस पूरा कराने का दबाव रहता है। इसका असर बच्चों पर पड़ेगा। हालांकि ज्यादातर स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने यह जानकारी दी कि सिलेबस पूरा हो चुका है और अब रिवीजन क्लास लग रही हैं। साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. ममता गर्ग ने बताया कि यूं तो शैक्षिक पाठ्यक्रम पूरा कराने के कैलेंडर में पांच दिन के दिवाली अवकाश को गिना जाता है, इसलिए सिलेबस पूरा कराने में इन अवकाश का प्रभाव नहीं पड़ता पर विद्यार्थियों को पढ़ाई के माहौल में लाने के लिए एक दो दिन तो लगते ही हैं। दूसरी ओर, सीबीएसई के अधिकांश स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं हो चुकीं हैं। यहां 10वीं और 12वीं के प्रीबोर्ड एग्जाम दिसंबर में कराए जाने हैं। लिहाजा सिलेबस पूरा कराने पर जोर रहेगा।