गुजरे 20 सालों में शहामतगंज से इज्जतनगर तक चार किलोमीटर लंबी पुरानी, निष्प्रयोज्य और अतिक्रमण की शिकार रेलवे लाइन पर शहरियों के लिए कोई परियोजना बनाए जाने के लिए कई बार पहल हुई लेकिन कभी भी यह कोशिश किसी अंजाम तक नहीं पहुंच सकी। अब एक बार फिर डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह के दिलचस्पी दिखाने के बाद इस जमीन पर सड़क बनने की उम्मीदें जागी हैं। रविवार को डीएम ने अन्य अफसरों के साथ इस मार्ग का सर्वे किया और फिर रेलवे और नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा की। डीएम ने बताया कि यहां सड़क के निर्माण और रेलवे की जमीन के कामर्शियल उपयोग के लिए वह जल्द ही रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को पत्र लिखेंगे।
डीएम ने रेलवे और नगर निगम के अफसरों के साथ शहामतगंज की पुरानी रेल लाइन का इज्जतनगर के आखिरी प्वाइंट तक सर्वे किया। इसमें अधिकांश स्थानों पर रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण पाया गया। कहीं-कहीं अवैध डलावघर बने मिले। डीएम ने निरीक्षण के बाद रेलवे और नगर निगम के अफसरों से पुरानी रेल लाइन की साइड में 60 फुट की रोड निकालने का प्रस्ताव रखा ताकि रेलवे की खाली जमीन का वाणिज्यिक उपयोग हो सके। डीएम ने कहा कि अगर रेलवे और नगर निगम मिलकर यह प्रोजेक्ट बनाते हैं तो रेलवे अपनी खाली जमीन का उपयोग कर अपनी आमदनी बढ़ा सकता है और शहर के अंदर यातायात को व्यवस्थित करने के लिए एक बेहतर रोड भी मिल जाएगी। डीएम ने जल्द ही इस संबंध में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को पत्र लिखने की भी बात कही ताकि यह प्रोजेक्ट उनके संज्ञान में आए और जल्द ही इस पर काम शुरू हो सके।