कोरोना वायरस के खौफ को देखते हुए पिछले हफ्ते देशभर में लॉकडाउन कर दिया गया, लेकिन इसमें मेडिकल सेवाओं के अलावा अति आवश्यक जरूरी चीजों को इससे दूर रखा गया था। इसके बावजूद कई निजी अस्पतालों ने अस्पताल बंद कर दिया। लेकिन अब उत्तर प्रदेश में मुख्य सचिव की ओर से प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों को खोले जाने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को लिखे पत्र में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के सभी विजी अस्पताल खोले जाएं।
पत्र में कहा गया है कि कई जिलों से ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि कुछ निजी अस्पतालों की ओर से इस समय या तो अस्पताल बंद कर दिए या फिर उनकी ओर से अधिकांश मरीजों को देखा नहीं जा रहा है। ऐसे में जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे तत्काल अस्पतालों को खुलवाने की व्यवस्था करें।
कहा कि प्रशासन डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ की एक निश्चित अवधि के लिए उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
कार्रवाई भी की जाए
मुख्य सचिव ने अपने इस पत्र के जरिए प्रशाषन से कहा कि निजी डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर उन्हें जानकारी दी जाए कि सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए लोगों का इलाज किया जा सकता है। साथ ही अस्पतालों में समुचित चिकित्सा सेवा सुनिश्चित करने के हेतु आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) का सहयोग प्राप्त किया जाए। यदि कोई आदेश को नहीं मानता है और इस महामारी में सहयोग नहीं करता है तो उस पर निश्चित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।