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बरेली में प्रवासियों पर 'केमिकल' छिड़काव के बाद आखों में जलन की शिकायत, अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना 

Mon, 30 Mar 2020 06:57 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
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प्रवासियोंं पर छिड़काव करते दमकल कर्मी - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के बरेली में महिलाओं और बच्चों सहित कई प्रवासियों पर कीटाणुनाशक केमिकल के छिड़काव के बाद उनकी आंखों में जलन की शिकायत सामने आई है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने बरेली के जिलाधिकारी को तीन दिनों के भीतर मामले में एक रिपोर्ट देने को कहा है।

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एनसीपीसीआर ने इस अमानवीय कृत्य पर गंभीर विचार व्यक्त किया है। एनसीपीसीआर ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि मामले की तत्काल जांच की जाए और कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। जिससे परिवार के सदस्यों के लिए बुनियादी आवश्यकताओं की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।  

एनसीपीसीआर द्वारा जारी पत्र में लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के भोजन, आश्रय और सुरक्षा और उनकी देखभाल के लिए कहा गया है। एनसीपीआर ने ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की।
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देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगारों के काम छोड़कर अपने गांव सैकड़ों किलोमीटर पैदल जाने की रिपोर्ट भी सामने आ रही हैं। इस दौरान उन्हें रास्ते में कई कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ रहा है।

अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना 

वहीं, इस मामले को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यात्रियों पर सैनिटाइजेशन के लिए किए गए केमिकल छिड़काव से कुछ सवाल उठे हैं: 
  • क्या इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देश हैं?
  • केमिकल से हो रही जलन का क्या इलाज है? 
  • भीगे लोगों के कपड़े बदलने की क्या व्यवस्था है?
  • साथ में भीगे खाने के सामान की क्या वैकल्पिक व्यवस्था है? 
सपा अध्यक्ष ने समाचार पत्र की रिपोर्ट के बाद सरकार पर हमला किया, जिसमें कहा गया था कि यह घटना बरेली में हुई थी, जहां सड़क पर बैठे लोगों के एक समूह पर एक तरल छिड़का गया था, समाचार पत्र के लेख में दावा किया गया था कि यह एक रासायनिक था। घटना के बाद, महिलाओं और बच्चों सहित कई प्रवासियों ने अपनी आंखों में जलन की शिकायत भी  की। 

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट के साथ समाचार रिपोर्ट को भी टैग किया। 
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जिलाधिकारी ने ट्वीट में की पुष्टि

एक ट्वीट में गलती की पुष्टि करते हुए, डीएम नीतीश कुमार ने 'अति-सक्रिय' कर्मियों को इस कृत्य के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अधिकारियों को इसके लिए दोषी माना जा रहा है।

डीएम ने ट्वीट में कहा कि  मुख्य चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में प्रभावित व्यक्तियों का इलाज किया जा रहा है। बरेली नगर निगम और दमकल विभाग की टीमों को बस की सफाई करने के लिए कहा गया था, लेकिन अधिक सक्रियता के कारण उन्होंने ऐसा किया। संबंधित अधिकारियों और कर्मियों  के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। 
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