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UP: 'दंगाई, कसाई, राष्ट्रवाद...' सिर्फ शब्द नहीं, ये चुनावी शंखनाद; यूपी का भविष्य अब इस विचारधारा से होगा तय!

Wed, 02 Apr 2025 07:56 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली में सीएम योगी के भाषण में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों की झलक दिखी। अयोध्या-काशी के बाद अब मथुरा की बारी के नारे लगे। 
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बरेली में जनसभा को संबोधित करते योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दंगाई, कसाई, राष्ट्रवाद... ये सिर्फ शब्द नहीं, सीएम का चुनावी शंखनाद है। बरेली कॉलेज के मंच से सीएम विरोधियों पर जमकर बरसे। कभी विपक्षियों का नाम लेकर तो कभी इशारों-इशारों में उनकी पोल खोली। अपनी सरकार की खूबियां गिनाना भी नहीं भूले। 
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रुहेलखंड की धरती से उन्होंने अघोषित रूप से विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल फूंक दिया। मुख्यमंत्री की कट्टर हिंदूवादी नेता की छवि पूरे आयोजन में दिखी। भगवा मंच से विकास की चर्चा के बीच नवरात्र, मां भगवती, नाथ नगरी, भगवान शिव और अंत में जय श्रीराम बोलकर इरादे जता दिए। 

मंच पर मौजूद अन्य नेताओं ने भी राष्ट्रवाद की विचारधारा संग भाजपा की चुनावी तैयारियों का संदेश दिया। सीएम की मौजूदगी में आंवला विधायक और पशुधन विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने आयोजन को धार्मिक और सियासी जामा पहनाया। 
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मंच से ही उन्होंने नारा लगवाया- योगीजी सब पर भारी, अयोध्या, वाराणसी के बाद अब मथुरा की बारी। इस नारे के साथ उन्होंने यह संदेश भी दे दिया कि अब सरकार मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मामले में कुछ बड़ा करने की तैयारी में है।
 

जानकारों का कहना है कि सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के सबसे बड़े मरकज आला हजरत दरगाह वाले शहर में सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी के बड़े मायने हो जाते हैं। उनका एक-एक लफ्ज यह बता रहा था कि यह सिलसिला अब विधानसभा चुनाव तक जारी रह सकता है। 

अटल आवासीय स्कूल में राष्ट्रवाद और राष्ट्रभक्तों की फौज का जिक्र कर उन्होंने साफ संदेश दिया कि प्रदेश का भविष्य अब राष्ट्रवाद की विचारधारा से ही तय होगा। राष्ट्रवाद के रास्ते पर चलकर ही प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।

 

गोसेवा पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने जहां प्रदेश के विकास के पथ पर अग्रसर होने की बात कही, वहीं उन्होंने गोसेवा से पुण्य कमाने और दंगाइयों पर सख्त कार्रवाई की बात कर यह भी साफ कर दिया कि भारतीय परंपरा का निर्वहन करते हुए वह कानून-व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं करने वाले हैं।
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मंच से नहीं बोल पाने का रहा मलाल
बरेली काॅलेज मैदान पर मंत्री धर्मपाल सिंह, डॉ. अरुण कुमार और संदीप सिंह को ही बोलने का मौका मिल सका। ऐसे में महापौर सहित सांसद व अन्य जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों को मंच से बोलने का मौका नहीं मिल पाया। उनके चेहरे पर इसका मलाल साफ दिखा। 

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