लखीमपुर खीरी में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों का शोषण करने की छूट किसी को नहीं मिलेगी। जो मिल मालिक यह गलतफहमी अपने मन में पाले हैं कि किसानों का गन्ने का भुगतान रोककर स्वयं कमाई करेंगे तो ऐसा नहीं होने दिया जाएगा, बल्कि ऐसी मिलों की नीलामी कराकर वह किसान का भुगतान करा देंगे।
उन्होंने उदाहरण के लिए महराजगंज की एक ऐसी ही चीनी मिल का जिक्र किया। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को गोला गोकर्णनाथ तहसील क्षेत्र के जमुनाबाद कृषि फार्म में बने कृषि महाविद्यालय का लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने लखीमपुर खीरी में मेडिकल कॉलेज और एक कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण कराने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में गांव, किसान और बेरोजगार सदैव प्राथमिकता में रहे हैं। इनकी खुशहाली के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। सीएम ने कहा कि कृषि वैज्ञानिक ऐसा बीज तैयार कराएं जिससे किसान एक एकड़ भूमि पर 500 क्विंटल गन्ना की फसल तैयार कर सके।
सपा, बसपा पर हमला बोलते हुए कहा कि इन लोगों ने जो जड़ता पैदा की थी उसे खत्म किया जा रहा है। पहले नौकरी पर डाका पड़ता था, विशेष जिलों के लोगों को नौकरी मिलती थी। मगर, अब ऐसा नहीं होगा। नौकरी पर डकैती डालने वालों की जगह जेल में होगी।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविधालय कानपुर के कुलपति सुशील शोलेमन, सांसद अजय मिश्रा, रेखा वर्मा, जिलाध्यक्ष-विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह, विधायक अरिविंद गिरी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन सिंह सहित सभी विधायक मौजूद रहे।
‘पराली और गन्ने की पत्ती से खाद बनाएं’
किसानों को बेहतर फसल के लिए मृदा कार्ड के अनुसार कृषि भूमि पर उर्वरक डालने, पराली और गन्ने की पाती से कंपोस्ट बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पराली और खरपतवार से बायो-फ्यूल बनाने की पहली यूनिट सीतापुर में लगा दी है और दूसरी यूनिट गोरखपुर में लग रही है। इससे किसान को पराली और खरपतवार का भी मूल्य मिल सकेगा। कहा, पराली और पाती को गड्ढे में दबाकर खाद बनाकर प्रयोग करें।