बरेली। नियमों के विरुद्ध सेवानिवृत बेलदार को कार्यालय से संबद्ध करने के मामले में घिरने पर अब मुख्य अभियंता नेे अपने ही आदेश को रद्द कर दिया है। नगर आयुक्त ने उनका स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, बेलदार को अउटसोर्स पर तैनात किए जाने संबंधी फाइल भी तलब की है।
निगम में सेवानिवृत्ति के बाद अब तक किस-किस को संबद्ध किया गया है, इसकी भी पड़ताल कराई जा रही है। इसके लिए नगर आयुक्त ने गुप्त कमेटी का गठन किया है।
हाल में ही सेवानिवृत हुए बेलदार भूपेंद्र कुमार सक्सेना को मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने आउटसोर्स पर रखा था। इसका पत्र वायरल हुआ तो नगर आयुक्त ने इसकी फाइल तलब की।
निर्माण विभाग में फाइल मिली ही नहीं। नगर आयुक्त ने पूछा कि कमेटी और उनकी अनुमति के बिना नियुक्ति कैसे हुई?
इस पर अफसर बगले झांकने लगे। वहीं, सेवानिवृत कर्मचारी को उसी कुर्सी पर दोबारा बैठाया जा रहा है, यह भी नियमों के विरुद्ध है।
मंगलवार को मुख्य अभियंता ने दूसरा आदेश जारी कर पुराने आदेश को निरस्त कर दिया है। उन्होंने लिखा है कि वरिष्ठ लिपिक मोहित आनंद के सहयोग में भूपेंद्र कुमार सक्सेना बेलदार को आउटसोर्स पर रखा गया था। कार्यालय की ओर से जारी किए संबंधित आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाते हैं। वहीं, इस आदेश की प्रतिलिपि नगर आयुक्त समेत निर्माण विभाग के सभी अधिकारियों और संबंधित बेलदार को भेजी है। संवाद