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लोगों के लाखों रुपये ठगकर चिटफंड कंपनी फरार

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बरेली। एक और चिट फंड कंपनी शहर में करोड़ों की ठगी कर रातोंरात फरार हो गई। विजयश्री मल्टी सॉल्युशंस नाम की इस कंपनी ने आठ साल पहले मिनी बाईपास पर ऑफिस खोला था और सैकड़ों लोगों को मोटे मुनाफे का झांसा देकर उनसे निवेश कराया था। ठगे गए लोगों की शिकायत पर थाना इज्जतनगर में कंपनी के प्रबंध निदेशक समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों में ज्यादातर लोग मुरादाबाद, रामपुर और चंदौसी के हैं।
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एफआईआर दर्ज कराने वाले सीबीगंज की लेबर कॉलोनी के निवासी राममोहन सिंह ने इस कंपनी में 3.64 लाख रुपये का निवेश किया था। राममोहन के मुताबिक विजयश्री मल्टी सॉल्युशंस कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी वीएस ग्रुप ने 2013 में मिनी बाईपास की कृष्णा वाटिका कॉलोनी में अपना कार्यालय खोला था। कंपनी के स्टाफ की ओर से प्रचारित योजनाओं में 60 महीने तक एक हजार रुपये के मासिक निवेश पर 90 हजार रुपये के भुगतान और एक लाख की एफडी कराने पर पांच साल के अंदर दोगुनी धनराशि देने जैसे दावे किए थे। उन्होंने अच्छे मुनाफे के झांसे में आकर 3.64 लाख रुपये का निवेश किया। इसके अलावा चेन बनाकर कई और लोगों की भी रकम का निवेश करा दिया। भुगतान करने का समय आया तो कंपनी का स्टाफ टालमटोल करने लगा।
राममोहन ने एफआईआर में कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक चंदौसी के गांव बैरनी निवासी विजय यादव, निदेशक आनंद कुमार यादव, फील्ड निदेशक स्टेट बैंक वाली गली सीबीगंज के निवासी अक्षय यादव उर्फ वीर सिंह, संरक्षक नवीन नगर मुरादाबाद निवासी लोकेश कुमार यादव, रामपुर के सुरेंद्र पाल और मुनाजिर हुसैन को नामजद किया है। राममोहन के मुताबिक उन्होंने कंपनी पर भुगतान का दबाव बनाया तो बताया गया कि उसकी रकम का जमीन में निवेश किया गया है। उसे रकम के बदले जमीन दे दी जाएगी। उन्होंने इनकार किया तो आरोपी जान से मारने की धमकी देने लगे। पिछले साल कोरोना शुरू होने से पहले रात में सारा सामान समेटकर फरार हो गए।
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अच्छे कमीशन, तोहफों और विदेश
यात्रा के सपने ने खाली कराईं जेबें
राममोहन के मुताबिक कंपनी ने तमाम लोगों से करोड़ों की ठगी की है। प्रदेश के हर जिले में कंपनी के ऑफिस खोले गए थे। लोगों को एजेंट बनाने पर मोटा कमीशन, तोहफे और विदेश यात्रा कराने के सपने दिखाए गए थे। खुद उन्होंने 19 लोगों और उनके भाई ब्रजमोहन ने 12 लोगों से कंपनी में निवेश कराया था। इन सभी के करीब 17 लाख रुपये कंपनी ने हड़प लिए।
साल भर मामला दबाए रही पुलिस
राममोहन ने इस मामले में पिछले साल 26 फरवरी को ही शिकायत की थी जिस पर तत्कालीन एसएसपी ने इज्जतनगर पुलिस को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए लेकिन इसके बाद कोरोना शुरू हो गया और पुलिस मामले को दबाकर बैठ गई। कुछ दिन पहले राममोहन ने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से शिकायत की तो उनके निर्देश पर इज्जतनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
हजारों लोगों के सैकड़ों करोड़
बटोर ले गईं चिटफंड कंपनियां
श्रीगंगा इन्फ्रासिटी : इस चिटफंड कंपनी का ऑफिस पीलीभीत बाईपास पर चंद्रगुप्तपुरम कालोनी में खोला गया था। करीब 200 करोड़ रुपये लेकर फरार हुई इस कंपनी के एमडी राजेश मौर्य समेत कई लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है।
ग्लेज इंडिया : पीलीभीत बाईपास पर पासपोर्ट सेवा केंद्र वाली बिल्डिंग में पहली मंजिल पर ग्लेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का ऑफिस खोला गया था। इस कंपनी नौकरी के नाम पर तमाम युवाओं से ठगी की थी।
रियल इंडिया : बारादरी की क्रिस्टल कॉलोनी में चिटफंड कंपनी रियल इंडिया का ऑफिस खोला गया था। इस कंपनी ने बरेली और पीलीभीत के करीब 500 लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया था।
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