चौधरी तालाब रेलवे क्रासिंग का रास्ता बंद किए जाने से नाराज लोगों ने शनिवार को जमकर हंगामा किया। रेलवे ने यहां ओवरब्रिज बन जाने के बाद पत्थर लगाकर रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया। इससे नाराज लोगों ने सुबह से रास्ता खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आसपास के इलाके के बड़ी संख्या में महिलाएं क्रॉसिंग पर धरना देकर बैठ गईं। इसके चलते पुलिस फोर्स और पीएसी बुला ली गई। केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री संतोष गंगवार और शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार भी मौके पर पहूंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की कि रेलमंत्री से बात करके समाधान निकाला जाएगा फिर भी धरने से कोई नहीं हटा।
हंगामा कर रहे लोगों ने दोपहर तीन बजे गुलाबनगर के अब्दुल वहीद का जनाजा बंद रास्ते से निकालने की कोशिश की। भीड़ शव दफनाने के लिए छावनी अशरफ खां स्थित कब्रिस्तान ले जा रही थी। पहले तो पुलिस ने स्टेट बैंक कालोनी से सटे दूसरे रास्ते से क्रासिंग पार करके जनाजा ले जाने को कहा लेकिन लोगों का गुस्सा देख बंद क्रासिंग के रास्ते से ही ले जाने दिया। हालांकि लोगों को आगे से इस क्रासिंग के रास्ते न आने-जाने की हिदायत दे दी गई है लेकिन इलाके के लोग इसके विरोध में आंदोलन पर अड़े हैं।
सुबह लोग सोकर उठे तो चौधरी तालाब क्रासिंग के रास्ते को पूरी तरह से पत्थरों से बंद पाया। यहां पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से रास्ता बंद होने का बोर्ड लगाया गया था। इसके विरोध में लोग सुबह आठ बजे से सड़क पर आ गए। हंगामा, प्रदर्शन और पुलिस से नोकझोंक का सिलसिला दोपहर तीन बजे तक चलता रहा। लोगों का कहना था कि रास्ता बंद होने से उन्हें रोजमर्रा के कामों में दिक्कतें आ रही हैं। बच्चों को स्कूल जाने में असुविधा होगी। चौधरी तालाब, छावनी अशरफ खां, सिद्धार्थनगर, रामलीला गौटिया, आनंद विहार, गुलाबनगर समेत एक दर्जन से ज्यादा इलाकों की लगभग सात-आठ लाख की आबादी के लोग क्रासिंग के रास्ते इधर से उधर जाने के जो काम कुछ ही मिनट में कर लेते थे, उन कामों के लिए उनको अब ओवरब्रिज का दो किलोमीटर का फासला तय करके जाने से तमाम दिक्कतें आएंगी। हंगामा के दौरान लोग शहर विधायक डॉ. अरुण और नगर निगम के पूर्व सभासद मनोज शुक्ला, अफरोज मियां मुल्ला जी और चौहान के साथ डीआरएम से वार्ता करने इज्जतनगर भी गए लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। सबने अब सोमवार को डीएम से मिलकर स्थाई समाधान के लिए अंडर पास बनवाने और तब तक के लिए क्रासिंग का रास्ता खुलवाने की मांग करने का निर्णय लिया है।