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Bareilly News: दो मंगलकारी योगों में विराजेंगे चतुर्भुज गजानन

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बरेली। दो मंगलकारी योग में इस बार 27 अगस्त को विघ्नहर्ता भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना होगी। 10 दिनों तक उनकी पूजा-अर्चना के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन उनका विसर्जन किया जाता है। इस बार चतुर्थी तिथि के दिन हस्त, चित्रा नक्षत्र व शुक्ल व शुभ योग का संयोग रहेगा। धार्मिक कार्यों और शुभ मुहूर्त के लिए हस्त नक्षत्र को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह शांति और समृद्धि प्रदान करता है।
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पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि चित्रा नक्षत्र शुभ नक्षत्र है जो रचनात्मकता, बुद्धिमत्ता, मेहनत और सफलता का प्रतीक है। शुभ योग में किसी भी प्रकार का महान या जनहित का कोई कार्य करना शुभ फलदायी होता है। इस योग में कोई कार्य करने से प्रगति के साथ प्रसिद्धि भी प्राप्त करता है। शुक्ल योग में प्रभु की कृपा अवश्य बरसती है व मंत्र भी सिद्ध होते हैं। हस्त चित्रा शुभ और शुक्ल युग के सहयोग में इस बार गणेश चतुर्थी बहुत ही खास रहने वाली है, इस बार गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से समस्त संकटों का निवारण तो होगा, साथ ही यश-वैभव, धन संपदा आदि की वृद्धि भी भगवान गणेश की कृपा से शीघ्र होगी। संवाद
पूजा विधि
- गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश मूर्ति की स्थापना करनी है तो उत्तर की ओर मुख करके आसन पर बैठ जाए। उन्हें विधिपूर्वक पूजा की सामग्री अर्पित करते हुए ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें। लड्डू का भोग लगाएं और सुख समृद्धि की कामना करें।
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स्थापना मुहूर्त
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना के लिए 27 अगस्त को सुबह 11:05 बजे से लेकर दोपहर 1:40 मिनट तक का शुभ मुहूर्त रहेगा। आप इस अवधि में गणपति की मूर्ति की स्थापना कर सकते हैं।
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